भरमौर (चंबा)। चंबा-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग में भूस्खलन होने से बुधवार को नौ घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। इस कारण कई बसों सहित वाहन मार्ग पर फंसे रहे। सैकड़ों लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि लाहल के समीप पहाड़ी में अचानक भूस्खलन होने से बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर गिर गई। इसकी वजह से सड़क वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। गनीमत रही कि जिस समय भूस्खलन हुआ, उस समय सड़क पर कोई भी वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था। अन्यथा भूस्खलन की चपेट में आने से जानमाल का नुकसान हो सकता था। मार्ग अवरूद्ध होने से दोनों तरफ छोटे-बड़े वाहनों की कतारें लग गईं। दोपहर करीब एक बजे वाहनों की आवाजाही होने के बाद मार्ग बहाल हो सका।
जानकारी के अनुसार भरमौर-पठानकोट मार्ग पर लाहल ढांक के पास बुधवार सुबह चार बजे भूस्खलन होने के बाद पहाड़ी दरकने से एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। वाहनों की आवाजाही बंद होने से चंबा से भरमौर-होली की तरफ जाने वाली बसों सहित छोटे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
वहीं, भरमौर-होली की तरफ से जिला मुख्यालय चंबा आने वाली बसों और छोटे वाहनों के पहिये भी थम गए। इस वजह से एक दर्जन सरकारी और निजी बसों के रूट प्रभावित हुए। इसमें भरमौर से चंबा, भरमौर-पठानकोट, भरमौर-कांगड़ा, भरमौर-इंदौरा, भरमौर-इंदौरा और चंबा से भरमौर के लिए चलने वाली सरकारी और निजी बसे शामिल रहीं। दोपहर एक बजे मार्ग के यातायात के लिए बहाल किया जा सका, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली और गंतव्य की ओर रवाना हुए।
जिले में भूस्खलन से कई मार्ग रहे बाधित
बारिश की वजह से चंबा-साहो, पनेला-घतरेड़ मार्ग, चंबा-जम्मुहार, जांघी-लिल्ह, परेल-कोहल्ड़ी, लुडेरा-सुंगल, चंबा-सिल्ला मार्ग बुधवार सुबह ल्हासे गिरने से यातायात के लिए बंद रहे। सूचना मिलते ही लोनिवि ने मौके पर पहुंचकर सड़कों को बहाल किया। मगर इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इनसेट
एनएच के सहायक अभियंता वीर सिंह ने बताया कि लाहल के पास चट्टानें गिरने से मार्ग अवरूद्ध रहा था। इसे दोपहर तक बहाल कर दिया गया।