चंबा। अयोध्या में वर्ष 1990 में श्रीराम लीला क्लब के कलाकारों ने राम वनवास का मंचन कर खूब तालियां बटोरी थीं। देशभर के विभिन्न मंडलों के कलाकारों को रामलीला का मंचन करने का अवसर मिला था।
हिमाचल के जिला चंबा से 18 से 20 कलाकार परिवार के साथ अयोध्या में होने वाले रामलीला के मंचन के लिए गए। अब अयोध्या में राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होना श्रीराम के भक्तों के लिए गौरवान्वित करने वाला पल है।
श्रीराम लीला क्लब के पदाधिकारी और 58 वर्षों से रामलीला में विभिन्न भूमिकाओं में अभिनय करने वाले अमरेश कुमार ने यह बात कही। कहा कि अयोध्या आंदोलन के लिए उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर एक-एक रुपया जोड़कर आंदोलन के लिए भेजा। वर्ष 1990 में एक दिन के लिए अयोध्या में डेढ़ घंटे के लिए राम वनवास का मंचन करने का मौका मिला। श्रीराम लीला क्लब चंबा से परमेश पुरी ने श्रीराम, अमरेश कुमार ने लक्ष्मण, केवलकृष्ण ने सीता माता, अक्षय कुमार ने राजा दशरथ के अलावा सुनील कुमार, मान सिंह, सुरेंद्र कुमार और सतीश इत्यादि ने अहम भूमिकाओं का निर्वहन किया। बताया कि श्रीराम लीला क्लब चंबा के पदाधिकारियों में परमेश पुरी, मुनी लाल पुरी, मदन लाल शर्मा, अक्षय कुमार, अमरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, केवल कृष्ण, सुनील कुमार, दया राम, पूर्ण चंद, मान सिंह, दयाराम, कुका, चौधरी समेत अन्य शामिल रहे। इनमें अधिकांश लोग अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के गवाह नहीं बन सकेंगे। अयोध्या में रामलीला के मंचन के निर्देशन का कार्यभार और फोटोग्राफी का दायित्व पूर्ण चंद को मिला था। उनका कैमरा सरयू पुल से पानी में गिर गया था। इससे वे अमिट यादें उनसे छिन गईं। अमरेश कुमार ने बताया कि अब तक वे रावण, दशरथ, लक्ष्मण, परशुराम समेत अन्य किरदारों का निर्वहन करते रहे हैं। अभिनय के दौरान भी संबंधित किरदार का उन्हें आशीर्वाद मिलता है।