चंबा। पहले जहां शहर की सड़कों पर कचालू चाट की महक लोगों को अपनी ओर खींचती थी, वहीं इस बार लगातार बारिश से फसल को नुकसान होने से इस स्वादिष्ट चाट का मजा फीका हो गया है।
पहले एक दिन में एक क्विंटल कचालू रेहड़ीधारक किसानों से खरीदते थे, लेकिन इस बार मुश्किल से 50 किलो तक ही सप्लाई किसान कर पा रहे हैं। इससे किसानों के साथ चाट विक्रेताओं को भी भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
हर वर्ष नवरात्र के समय ही शहर में कचालू चाट की रेहड़ियां सज जाती थीं, लेकिन इस बार दिवाली के बाद जाकर कुछ रेहड़ियां लग पाई हैं। आपूर्ति कम होने के कारण 40 रुपये प्रति किलो बिकने वाले कचालू की कीमत अब 80 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गई है। किसानों के पास पर्याप्त मात्रा में कचालू नहीं हैं, जिससे रेहड़ी धारक रोजाना स्टॉल नहीं लगा पा रहे।
इस बार कचालू की सप्लाई बेहद कम है। हमें एक दिन छोड़कर ही रेहड़ी लगानी पड़ रही है। इससे कारोबार पर काफी असर पड़ा है। संजीव चोपड़ा, चाट विक्रेता
सर्दी के मौसम में लोग खट्टे मसालों के साथ कचालू चाट का मजा लेते हैं, लेकिन इस बार कचालू मिलना मुश्किल हो गया है। तालिब, चाट विक्रेता
बरसात में कचालू की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जो आमदनी हर साल चाट बेचकर होती थी, वह इस बार नहीं हो पाएगी। यूसुफ, चाट विक्रेता
पहले हर सब्जी की दुकान पर कचालू नजर आता था, पर इस बार बाजार में कहीं दिखाई नहीं दे रहा। फसल की बर्बादी ने सबको नुकसान पहुंचाया है। अनवर, स्थानीय निवासी