चंबा में उपायुक्त कार्यालय के बाहर महंगाई को लेकर प्रदर्शन करते सीटू के कार्यकर्ता।
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चंबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के संयुक्त वामपंथी संगठनों ने बुुधवार को बढ़ती महंगाई के विरोध में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पार्टी के जिला सदस्य विपिन ने कहा कि देश में महंगाई आसमान छू रही है। कोरोना काल में ऑक्सफेम की रिपोर्ट के मुताबिक 97 प्रतिशत जनता के आय के साधन कम हुए हैं। ऐसे में सरकार को सभी व्यक्तियों को 10 किलो मुफ्त राशन प्रतिमाह देना चाहिए था। साथ में डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा मिलनी चाहिए थी लेकिन, सरकार ने मुफ्त राशन देने की बजाय डिपुओं में मिलने वाले राशन को भी महंगा कर दिया। इससे आम लोग काफी परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि मई से लेकर अब तक 22 बार पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम आज तक के इतिहास में सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। इससे वाहनों का इस्तेमाल करने वालों पर मार पड़ी है। तेल कीमतों में वृद्धि होने से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है।
कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नव उदारवादी पूंजीपति परस्त और गरीब विरोधी नीतियों के कारण महंगाई चरम पर पहुंच गई है। गैस सिलिंडर की कीमत 906 रुपये तक पहुंच गई है। पेट्रोल की कीमत 96 से 100 रुपये, जबकि डीजल की कीमत 88 रुपये प्रति लीटर तक हो गई है। सरसों का तेल बाजार में 180 रुपये और डिपुओं में 160 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। डिपुओं में दालों की कीमतों में 10 रुपये प्रतिकिलो की वृद्धि की गई है। पिछले महीने की अपेक्षा इस माह डिपुओं में आटे की मात्रा 14 से घटाकर 11 किलो प्रति कार्ड कर दी गई है। प्रदेश में सुजानपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में आत्महत्याएं भी हुई हैं। उन्होंने राशन डिपुओं में दालों, तेल और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग की है। प्रदर्शन में केवल, रहमतुल्ला, राशिका, रिझू राम सहित अन्य शामिल रहे।