मेडिकल कॉलेज चंबा में गायनी ओपीडी के बाहर बैठ डॉक्टर का इंतजार करती महिला मरीज।
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चंबा। डॉक्टरों की हड़ताल का खामियाजा तीसरे दिन भी मरीजों को भुगतना पड़ा। मेडिकल कॉलेज में सुबह से इलाज करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को हाथों में पर्ची लेकर इधर-उधर भटकना पड़ा। कड़ाके की धूप में कई मरीज डॉक्टरों को ढूंढते रहे तो कई थकहार कर फर्श पर ही लेट गए। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हुई। ओपीडी के बाहर लगातार ढाई घंटे खड़े रहने से उनका मर्ज और बढ़ गया। बुधवार को डॉक्टरों हड़ताल से बने हालातों पर पेश है संवाददाता प्रवीण कुमार की लाइव रिपोर्ट
दिन बुधवार। स्थान चंबा मेडिकल कॉलेज। समय सुबह नौ बजे। चिकित्सकों की पेनडाउन हड़ताल का तीसरा दिन। सुबह साढ़े नौ से लेकर साढ़े ग्यारह बजे तक डॉक्टर ओपीडी से नदारद हैं। जबकि, सुबह नौ बजे मरीज इलाज करवाने के लिए अस्पताल पहुंचना शुरू हैं। दूरदराज क्षेत्रों के लोग बसों और अन्य वाहनों के जरिये अस्पताल पहुंच रहे हैं। सुबह नौ बजे पर्ची बनवाने के बाद मरीज जब ओपीडी का रुख करते हैं तो वहां डॉक्टरों की कुर्सी खाली मिलती है। वहां तैनात स्टाफ मरीजों को डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में बताता है। हड़ताल की जानकारी मिलने पर मरीज हताश होकर जमीन पर ही इंतजार में बैठ जाते हैं।
सुबह दस बजे स्त्री रोग ओपीडी में दर्जनों महिलाएं अपनी जांच करवाने के लिए पहुंचती हैं लेकिन, डॉक्टरों की हड़ताल के चलते उन्हें वहां डॉक्टर नहीं मिलता है। गर्भवती महिलाएं फर्श और ओपीडी के बाहर बने सीमेंट के बेंचों में बैठकर डॉक्टर के आने का इंतजार करती हैं। यही हाल मेडिसन की ओपीडी के बाहर देखने को मिलते हैं। डॉक्टर से चेकअप करवाने के लिए मरीज दूरदराज के क्षेत्रों से मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन, हड़ताल के चलते उन्हें साढ़े ग्यारह बजे तक ओपीडी के बाहर इंतजार करना पड़ता है। मरीजों की परेशानी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही है। बुधवार को कड़कती धूप में मरीजों मर्ज और बढ़ जाता है।
अस्पताल के बाहर और अंदर मरीज गर्मी से बेहाल हैं। साढ़े ग्यारह बजे जब ओपीडी में डॉक्टर पहुंचते हैं तो जांच करवाने के लिए मरीजों की भीड़ जमा हो जाती है।
मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर दिलबाग सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की पेनडाउन हड़ताल पंजाब में उनके एनपीए में की जा रही कटौती को लेकर की जा रही है। इसके साथ ही जिले के प्रशासनिक अधिकारी की ओर से एक डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। इसको लेकर भी एसोसिएशन सरकार से मांग कर रही है कि अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।