चंबा। आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए नायब तहसीलदार की अब विजिलेंस आय से अधिक संपत्ति की भी जांच करेगी। इसके लिए विजिलेंस ने अपनी कार्रवाई को अंजाम देना शुरू कर दिया है। इसमें नायब तहसीलदार के वेतन को लेकर उसके विभाग से जानकारी मांगी गई है। इसके बाद उसकी पूरी संपत्ति की जांच की जाएगी। इसमें इस बात का पता लगाया जाएगा कि नायब तहसीलदार ने जो संपत्ति जोड़ी है, उसे ईमानदारी के पैसे से जोड़ा गया है या रिश्वत के पैसे से। फिलहाल रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए नायब तहसीलदार ने अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की है जो मौजूूदा समय में न्यायिक रिमांड पर है। 27 फरवरी को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। यहां पर विजिलेंस उसकी जमानत याचिका को रद्द करने की पैरवी करेगी।
जानकारी के अनुसार विजिलेंस में भगत सिंह पुत्र स्व. कन्हैया राम निवासी गांव काहलो उप तहसील पुखरी जिला चंबा ने शिकायत की थी कि उसके भूमि संबंधी कार्य को करने में नायब तहसीलदार पुखरी आनाकानी कर रहा था। उस कार्य को करने के बदले में 8,000 की रिश्वत मांग रहा था। इस पर विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर नायब तहसीलदार को पकड़ने के लिए योजना बनाई। योजना के अनुरूप शिकायतकर्ता अपने काम के बदले उस अधिकारी को रिश्वत देने के लिए उसके कार्यालय पहुंचा जहां अधिकारी ने पैसे लेने से मना करते हुए उसे कार्यालय से बाहर पैसे देने के लिए कहा। कार्यालय से छुट्टी करके जब नायब तहसीलदार करीब 50 मीटर दूरी पर पुखरी-माणी मार्ग पर पहुंचा तो उसने शिकायतकर्ता को बुलाकर उससे रिश्वत ली। उसी दौरान विजिलेंस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया और विजिलेंस ने इस पूरी कार्रवाई को वहां मौजूद स्थानीय लोगों के साथ अंजाम दिया। विजिलेंस के एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि नायब तहसीलदार की आय से अधिक संपत्ति को लेकर भी जांच की जा रही है। 27 फरवरी को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।