चंबा। उपमंडल चुराह में स्थित एक निजी जल विद्युत परियोजना में कामगार कल्याण उपकर के निर्धारण में हुई कथित गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में जिला श्रम अधिकारी ने श्रम आयुक्त शिमला को पत्र लिखकर मेसर्स आईए एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के उपकर (सेस) का पुनर्मूल्यांकन करने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
श्रम अधिकारी ने अपने अनुरोध पत्र में स्पष्ट किया है कि 21 जुलाई 2017 को तत्कालीन श्रम अधिकारी द्वारा चांजू-एक जल विद्युत परियोजना के लिए जो असेसमेंट आर्डर पास किया गया था, वह कथित तौर पर गलत था। इस गलत निर्धारण के कारण एचपी बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड को 49.26 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
पत्र में उल्लेख है कि यह मामला पहले 2024 में भी उठाया गया था। विभाग ने तर्क दिया है कि इसी तरह के एक अन्य मामले मेसर्स एडी जल विद्युत परियोजना कुल्लू में श्रम आयुक्त ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए 2025 में पुनर्मूल्यांकन के आदेश दिए थे।
अब जिला श्रम अधिकारी चंबा ने कुल्लू मामले की समानता के आधार पर आग्रह किया है कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए आईए एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड चांजू- एक के मामले में भी पुनर्मूल्यांकन के निर्देश दिए जाएं। इससे करीब 49.26 लाख रुपये की वसूली की जा सके। अब देखना दिलचस्प होगा कि शिमला स्थित श्रम आयुक्त कार्यालय इस पर क्या निर्णय लेता है।
उधर, जिला श्रम अधिकारी चंबा अनुराग शर्मा ने बताया कि उच्च अधिकारियों से प्राप्त आदेशानुसार इस मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।