पुराना बस स्टैंड में नगर परिषद की लापरवाही पर दुकानदारों ने मजबूरी में अपनाया यह तरीका
बोले- बारिश होने पर पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना हो जाता है मुश्किल
दुर्घटना भी बढ़ जाता है खतरा, बार-बार शिकायत करने पर भी नगर परिषद ने नहीं भरे गड्ढे
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जब सड़क के गड्ढे प्रशासन की फाइलों में नहीं भरते, तब उन्हें बोरियों से ढकना पड़ता है। चंबा में पुराने बस स्टैंड की यह तस्वीर सिर्फ एक बदहाल सड़क का दृश्य नहीं, बल्कि उस सिस्टम का आईना है जहां शिकायतों से ज्यादा असर लोगों की मजबूरी का दिखाई देता है। राहगीरों को सुरक्षित रखने के लिए दुकानदारों ने जो किया, वह नगर परिषद की निष्क्रियता की खुली गवाही बन गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर में सड़क के गड्ढों को भरने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है लेकिन लोग खुद बोरियां बिछाकर नप की नाकामी को ढक रहे हैं। चंबा के पुराने बस स्टैंड में कुछ ऐसी ही तस्वीर बदहाल व्यवस्था की लापरवाही की गवाही दे रही है। लोगों के मुताबिक कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद ने गड्ढों को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
बारिश के दौरान पानी भर जाने से गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में दुकानदारों ने लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से गड्ढों को बोरियों से ढक दिया है ताकि कोई हादसा न हो। लोगों के कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति से ग्राहकों और पर्यटकों पर भी गलत प्रभाव पड़ रहा है। आरोप है कि नगर परिषद नियमित रखरखाव के दावों के बावजूद जमीन स्तर पर आवश्यक कार्य नहीं कर रही है।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है। हाउस की बैठक में सड़कों की दशा सुधारने संबंधी निर्णय लेकर कार्य शुरू करवाए जाएंगे।
समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में हालत ओर भी दयनीय बन रही है। - जयराम कपूर, दुकानदार
बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों, लोगों पर सड़क की बदहाल स्थिति से गलत प्रभाव पड़ रहा है। - राकेश पठानिया, सपड़ी
शहर के प्रवेश करने की मुख्य सड़क समेत गलियों की सड़कों की हालात काफी दयनीय बने हुए हैं। - अशोक कुमार, दुकानदार
नगर परिषद चंबा को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले से पूर्व शहर की मुख्य सड़क की दशा सुधारने के प्रयास करने चाहिए। - योगेश चोपड़ा, दुकानदार