खजराला गांव में जुटाए जा रहे सबूत, गुस्साई भीड़ ने जला दिए थे दो मकान
डीएसपी समेत 30 जवान कर रहे जांच, 11 लोगों के खिलाफ हुई है एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। खजराला गांव में आग की लपटें तो बुझ चुकी हैं लेकिन उसके पीछे छिपे कारणों की तलाश अभी जारी है। जिन मकानों को गुस्साई भीड़ ने आग के हवाले किया, वहां अब पुलिस सबूतों की परतें खंगाल रही है। गांव में पुलिस की मौजूदगी और जांच ने माहौल को अभी भी तनावपूर्ण बना रखा है।
पंचायत चुनावों के दौरान तथाकथित षड्यंत्र और गोवंश तस्करी के आरोप में हुए अग्निकांड के कारणों के सबूत तलाशने के लिए पुलिस की टीम ने खजराला गांव में डेरा जमा रखा है। डीएसपी सलूणी की अगुवाई में करीब तीस पुलिस जवान मौके पर मौजूद हैं। दो दिन से पुलिस टीम घटना स्थल पर मौजूद है। हर पहलू से मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि बीते दिनों देर रात को उपमंडल चुराह की आयल पंचायत के गांव खजराला में अग्निकांड हो गया था। आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने लोगों के मकानों को आग के हवाले कर दिया था। प्रभावित परिवारों ने इस बारे में 11 लोगों के खिलाफ पुलिस थाना तीसा में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि ग्रामीण दहशत में रात भर सो नहीं पाए थे। उन्होंने जागकर ही पूरी रात बिताई थी। जलते मकानों के बीच अफरातफरी का माहौल बना रहा। पुलिस टीम भी दूरस्थ गांव में देर रात को पहुंची थी। दहशत में लोगों की आंखों से नींद गायब हो गई थी। हालांकि, घटना के बाद चौकसी बढ़ा दी गई थी। पूरे गांव को सील कर दिया गया था। अब पुलिस की टीम मौके पर जांच कर रही है। इसके बाद पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी। डीएसपी सलूणी रंजन शर्मा रंजन शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि पुलिस सुबूत की तलाश में है।