घरों का निर्माण करवाकर यहां-वहां फेंका जा रहा मैटीरियल
उपायुक्त ने नप को 15 दिन में जगह चिह्नित करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर के विभिन्न मोहल्लों और गलियों में अब आगामी समय में जगह-जगह गृह निर्माण सामग्री के वेस्ट मैटीरियल के ढेर देखने को नहीं मिलेंगे। चंद पैसे बचाने के चक्कर में कुछ शहरवासी पुराने मकानों के वेस्ट मैटीरियल को यहां-वहां फेंक देते हैं जिससे शहर की सुंदरता पर दाग लगने के साथ-साथ नगर परिषद चंबा का भी कार्य बढ़ जाता है। लिहाजा, अब उपायुक्त ने नगर परिषद को 15 दिन के भीतर वेस्ट मैटीरियल फेंकने के लिए एक जगह का चयन करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, वन विभाग की भूमि से वेस्ट मैटीरियल फेंकने के लिए भूमि नगर परिषद चंबा के नाम करने के लिए एफसीए केस तक बनाकर भेजने की योजना है। योजना के सिरे चढ़ने के बाद शहर में मकान बनाने, पुराने मकान तोड़कर नए बनाने के दौरान निकलने वाले वेस्ट मैटीरियल को फेंकने के लिए जगह की उपलब्धता भी शहरवासियों को नसीब होगी।
गौरतलब है कि नगर परिषद की ओर से अब तक शहर में वेस्ट मैटीरियल को एक जगह पर एकत्रित करने के लिए जगह चिह्नित तक नहीं की जा सकी है। जिले में अत्यधिक जमीन वन विभाग की होेने के कारण नगर परिषद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में अब उपायुक्त ने शहर के गली-मोहल्लों में लगने वाले गृह निर्माण सामग्री के वेस्ट मैटीरियल के ढेरों को हटा कर एक चिह्नित स्थान पर ठिकाने लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उपयुक्त जमीन चिह्नित होने के बाद इसका एफसीए केस बनाकर वन विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा जिसे स्वीकृति मिलने पर नप चंबा की ओर से वहां पर चारों ओर से सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि शहर में वेस्ट मैटीरियल को ठिकाने लगाने के लिए नगर परिषद की ओर से अब तक जगह चिह्नित तक नहीं की गई है। ऐसे में अब नगर परिषद को 15 दिनों के भीतर जगह चिह्नित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जमीन चिह्नित होने पर वहां पर वेस्ट मैटीरियल को ठिकाने लगाया जाएगा।