रावी किनारे लगा दिए मलबे के ढेर, पूछने वाला कोई नहीं
बालू और परेल को बना दिया डंपिंग साइट, बढ़ा खतरा
नदी का जलस्तर बढ़ने से बढ़ सकती है लोगों की दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर बालू और परेल डंपिंग साइट बना दिए गए हैं। यहां आए दिन टनों के हिसाब से मलबा ठिकाने लगाया जा रहा है। इस कारण आगामी बरसात के दिनों में रावी नदी में जलस्तर बढ़ने से तड़ोली, उदययुपर, सरोल सहित राजपुरा के तट के साथ रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हैरान करने वाली बात है कि शासन-प्रशासन भी नदी किनारे मलबा फेंकने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। एक तरफ तो जिला प्रशासन बरसात को लेकर अपनी तैयारियां करने मेंं जुटा हुआ है तो वहीं, दूसरी ओर बालू और परेल में लगने वाले मलबे के ढेर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल रहे हैं।
स्थानीय लोगों प्रशांत महाजन, राकेश कुमार, डॉ. डीके सोनी, सुरेश कश्मीरी, बचन सिंह, दिलीप कुमार, राकेश कुमार, नारायण सिंह आदि ने बताया कि शहर के आसपास गृह निर्माण और अन्य विकासात्मक कार्यों के चलते निकलने वाले मलबे को रावी में ठिकाने लगाया जा रहा है। इसको रोकने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी भी जहमत नहीं उठा रहे हैं। हाईवे किनारे केवल रावी नदी में कूड़ा-कचरा, मलबा न फेंकने को लेकर महज सूचना पट्ट लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। सूचना पट्ट को दरकिनार कर कई लोग बेधड़क मलबा रावी नदी में ठिकाने लगा रहे हैं। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को रावी नदी के किनारे मलबा, कूड़ा-कर्कट ठिकाने लगाने वालों पर शिकंजा कसने के निर्देश जारी करेंगे। रावी नदी को दूषित करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।