चंबा। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण चंबा में प्रीति ठाकुर की अदालत ने वाहन दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की मुआवजा राशि प्रदान करवाने की याचिका को खारिज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार 28 फरवरी 2016 को ज्ञान चंद अपने भाई की मारुति कार चला रहे थे और ढकोग के पास तकनीकी खराबी के चलने वाहन नदी में जा गिरा। दुर्घटना में ज्ञान चंद की मौत हो गई। मृतक परिवार ने न्यायालय में याचिका लगाई कि घर का एकमात्र कमाने वाला था और पूरा परिवार उस पर निर्भर था।
याचिकाकर्ताओं ने उन्हें 15 लाख का मुआवजा 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित प्रदान करने का आग्रह किया। याचिका के दौरान उन्होंने वाहन मालिक वैध बीमा पॉलिसी भी लगाई, जो, 12 अगस्त 2015 से 11 अगस्त 2016 तक बीमित था। वहीं, प्रतिवादी ने बताया कि कार चला रहे व्यक्ति के कोई वैध और प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
इसके अलावा ज्ञान चंद के एनएचपीसी-तृतीय में नियमित इलेक्ट्रीशियन के रूप में कार्यरत होने का तर्क देते हुए याचिका खारिज करने का आग्रह किया। न्यायालय ने समस्त दस्तावेज और सबूतों को देखते हुए मुआवजा राशि प्रदान करवाने की याचिका को खारिज कर दी।