चंबा। नगर परिषद चंबा के गीला और सूखा कचरा अभियान को लेकर अब शहरवासी मुखर हो गए हैं। सुबह समय के अभाव का तर्क देकर शहरवासियों ने साफ किया है कि वे गीला-सूखा कचरा अलग-अलग थैलों में भरकर नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी ही नदी-नालों में कूड़ा ठिकाने लगा रहे हैं तो शहर साफ-सुथरा कैसे बनेगा। इसको लेकर अब लोगों ने एक तरफ सुबह समय के अभाव और सफाई कर्मचारियों द्वारा नालियों में कूड़ा फेंकने का तर्क दिया है। नगर परिषद चंबा की ओर शहर को साफ सुथरा रखने के लिए अलग-अलग कूड़ा एकत्रीकरण अभियान चलाया है, लेकिन इस अभियान के अभी तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए है। एक तरफ अब जहां लोग सहयोग न करने की बात कह रहे है तो वहीं, नगर परिषद इसी मामले को लेकर सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है। नगर परिषद नो साफ कहा है कि जो लोग अलग-अलग कूड़ा नहीं देंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद एक तरफ शहर को स्वच्छ बनाने के लिए जागरूक करती है और दूसरी तरफ सफाई कर्मी ही नालियों में कूड़ा ठिकाने लगा रहे हैं। जिस कारण शहर में गंदगी फैलाई जा रही है। मनोज कुमार।
सुबह समय का बेहद अभाव रहता है। इसलिए एक ही थैले में कूड़ा सफाई कर्मचारियों को थमाएंगे। लोगों के घरो से कूड़ा लेकर सफाई कर्मी सड़क किनारें या फिर नालियों में ठिकाने लगाते हैं। रणधीर कुमार।
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चंबा शहर को स्वच्छ बनाने के लिए पूरा सहयोग रहेगा, लेकिन गीला और सूखा कचरा अलग देने के इस अभियान से काफी समय बर्बाद होता है। इसके चलते एक ही थैले में कूड़ा सफाई कर्मचारियों को देंगे। रिया महाजन।
बीते दिनों भी खड्ड में सफाई कर्मचारी द्वारा कचरा फेंकने की वीडियो वायरल हुई थी। ऐसे में शहर कैसे साफ सुथरा रहेगा। नगर परिषद को सफाई कर्मियों की भी निगरानी करनी चाहिए। महिंद्र कौरर।
नगर परिषद चंबा के कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। इस बारे में विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जो लोग अलग-अलग कूड़ा नहीं देंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।