दिनभर खेतों में तुड़ाई, शाम को सड़क किनारे सज रही मंडियां, किसानों को घर के पास ही मिल रहे खरीदार
भराड़ा, बैरागढ़, टेपा, झज्जा कोठी और सनवाल में हो रही खरीद, बाहरी राज्यों की मंडियों में भेजा जा रहा मटर
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। चुराह घाटी में इस बार मटर ने खेतों को कमाई का मैदान बना दिया है। अनुकूल मौसम और समय पर हुई बारिश से मटर की बंपर पैदावार के बीच किसानों को 130 से 135 रुपये प्रति किलोग्राम तक भाव मिल रहा है।
शुरुआती आवक में यही भाव 150 रुपये तक पहुंच गया था। अच्छी पैदावार और बेहतर दाम से किसानों के चेहरों पर खुशी है।
भराड़ा, बैरागढ़, टेपा, झज्जा कोठी और सनवाल समेत कई क्षेत्रों में शाम ढलते ही सड़क किनारे अस्थायी मंडियां सज जाती हैं। दिन में किसान परिवार सहित खेतों में मटर की तुड़ाई करते हैं और शाम को व्यापारी गांवों और सड़कों तक पहुंचकर सीधे किसानों से उपज खरीद लेते हैं। नकद भुगतान होने से किसानों को मटर लेकर दूर की मंडियों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। इससे समय और ढुलाई खर्च दोनों बच रहे हैं।
भराड़ा, बैरागढ़, हिमगिरि, चांजू-चरड़ा, देवीकोठी, टेपा, झज्जा कोठी, सनवाल, बौदेड़ी और जसौरगढ़ सहित पूरे चुराह क्षेत्र में मटर की खेती हो रही है। किसान विजय कुमार, अमित कुमार, सुरेंद्र, प्रकाश चंद, दलीप कुमार और कन्हैया राम ने बताया कि इस बार उत्पादन और दाम दोनों बेहतर हैं। मटर की खेती से स्थानीय युवाओं को भी सीजन में घर के पास रोजगार मिल रहा है।
किसानों के अनुसार मटर का सीजन 15 नवंबर तक चलने की उम्मीद है। चुराह के ताजा और मीठे मटर की पठानकोट, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और दिल्ली की मंडियों में मांग है। रोजाना सैकड़ों क्विंटल मटर बाहरी राज्यों को भेजा जा रहा है। उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मटर उत्पादकों को बेहतर दाम मिलना किसानों के लिए अच्छी बात है।