तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल में बारिश न होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बारिश के अभाव में खेतों में ही मटर की फसल सूखने लगी हैं। दो से तीन बार मटर तुड़ान करने वाले किसान अब तक महज एक बार ही मटर की फसल का तुड़ान कर पाए हैं।
अब मटर की फसल सूखने से उनकी मुसीबतों में इजाफा हुआ है। अब आगामी दो से तीन दिन में बारिश नहीं होती है तो किसानों को मटर की फसल भी घाटा ही देगी। ग्राम पंचायत बौंदेड़ी के गांव शौल के तहत आने वाले किसानों की मटर की फसल सूखने के कगार पर है। बारिश न होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
चुराह विधानसभा क्षेत्र के किसान मटर और सेब की फसल पर निर्भर करते हैं। बीते एक माह से क्षेत्र में बारिश नहीं हो पाई है। इस कारण किसानों के खेतों में मटर की फसल सूख रही है। किसानों में अजय कुमार, प्रमोद कुमार, संजीव कुमार, केशव कुमार, राजीव कुमार, कपिल कुमार, प्रकाश चंद ने बताया कि खेतों में मटर की फसल सूख रही है। कहा कि किसान बाजार से महंगे दाम पर मटर का बीज और दवाइयां खरीदते हैं। इसके बाद उसके अनुरूप फसल न हो तो किसानों की चिंताएं बढ़ जाती हैं। बताया कि बाजार में मटर 70 से 80 रुपये मिल रहा है। किसानों को भी मटर के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं।