मणिमहेश में यात्री पंजीकरण शुल्क हटने के बाद अब पार्किंग शुल्क को भी बंद करने का संघर्ष शुरू हो गया है। प्रशासन ने वलमुई और कुगति मार्ग पर पार्किंग का बंदोबस्त किया है। दावा किया जा रहा है कि एक बार में पांच हजार गाड़ियां इस जगह खड़ी हो सकती हैं।
यह खाली मार्ग है, जिसे थोड़ा सा चौड़ा किया गया है। सबसे बड़ी दिक्कत यहां पेयजल, खाने और शौचालय को लेकर है। जहां पांच हजार गाड़ियां खड़ी होंगी, वहां प्रशासन ने चालकों के लिए कोई प्रबंध नहीं किए हैं। इन गाड़ियों को छोड़कर चालकों को खाने-पीने के लिए करीब दो से ढाई किलोमीटर पीछे आना पड़ रहा है। शौचालय न होने से पार्किंग स्थल पर गंदगी पनप रही है। पार्किंग शुल्क के रूप में ट्रस्ट के खाते में रोजाना हजारों रुपये जा रहे हैं।
पार्किंग के नाम पर सड़क पर गाड़ियों की सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं हैं। पिछले साल भी कई वाहन चालकों ने पार्किंग से उनका सामान चोरी होने की शिकायत की थी। मणिमहेश यात्रा के दौरान अब तक पार्किंग ट्रस्ट के लिए आय का मुख्य स्रोत रहा है और यात्रा के बाद भरमौर में पार्किंग विकसित करने के दावे भी होते रहे हैं, लेकिन पार्किंग का निर्माण संभव नहीं हो पाया। ऐसे में वाहन चालक अब पंजीकरण शुल्क को हटाने की मांग करने लगे हैं। भरमौर पहुंचे चालकों संदीप कुमार, ललित कुमार, रोशन सिंह, संजीव और लक्की ने बताया कि पार्किंग के नाम पर सड़कों पर वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। न खाने का बंदोबस्त है, न पेयजल का और न ही शौचालय का। इसके बावजूद पार्किंग शुल्क बीच रास्ते में ही काटा जा रहा है।
जल्द करेंगे प्रबंध : एडीएम
अतिरिक्त दंडाधिकारी भरमौर विनय धीमान ने बताया कि पार्किंग शुल्क जारी रहेगा। पार्किंग स्थल को विकसित करने व वहां खाने-पीने के प्रबंध की व्यवस्था जल्द ही जाएगी। उन्होंने कहा कि मामला प्रशासन के ध्यान में है इस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।