धनुष भंग के बाद तीखे संवादों की जुगलबंदी, ताड़का वध के दृश्य ने भी बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। शिव धनुष टूटा तो परशुराम का क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया और लक्ष्मण के तीखे व्यंग्य ने सभा में संवादों का रोमांच बढ़ा दिया। तेलका में श्री रामलीला युवक क्लब मंडल की ओर से आयोजित रामलीला में परशुराम-लक्ष्मण संवाद के मंचन ने दर्शकों को खूब बांधे रखा। कलाकारों की दमदार अदायगी पर बार-बार तालियां गूंजती रहीं।
धनुष भंग के बाद भगवान परशुराम के राजा जनक की सभा में पहुंचने और लक्ष्मण से संवाद के प्रसंग को कलाकारों ने सजीव अंदाज में प्रस्तुत किया। धर्मेंद्र सूर्या ने लक्ष्मण के रूप में व्यंग्यपूर्ण संवादों से दर्शकों का ध्यान खींचा, जबकि संतोष कुमार ने क्रोधित परशुराम की भूमिका में प्रभाव छोड़ा। कृष्ण कुमार ने भगवान श्रीराम के शांत और मर्यादित व्यवहार को मंच पर उतारा। तीनों कलाकारों की जुगलबंदी ने प्रसंग को रोचक बना दिया।
रामलीला में ताड़का वध का दृश्य भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। विजय कुमार ने ताड़का की भूमिका में हाव-भाव, वेशभूषा और अभिनय से मंच पर रोमांच पैदा किया। इस दृश्य में गुरु विश्वामित्र के साथ वन पहुंचे भगवान श्रीराम की ओर से ताड़का का सामना करने की कथा दिखाई गई। ताड़का वध के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में क्लब अध्यक्ष दर्शन कुमार, सचिव धर्मेंद्र सूर्या, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार, स्टेज सेक्रेटरी हंसराज, साउंड सिस्टम प्रभारी जोगिंदर और निर्देशक चैन लाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।