चंबा। नवजात शिशु निमोनिया से ग्रस्त है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए अब ऑक्सीमीटर कारगर साबित होगा। प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए बजट में चंबा और मंडी जिले में निमोनिया से शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से पायलट आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई है। इसके परिणाम बेहतर आने पर इसमें विस्तार करने की भी प्रदेश सरकार की मंशा है।
गौरतलब है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर सर्दी लगने से नवजात शिशुओं की छाती में संक्रमण का समय से पता नहीं चल पाता है। नतीजतन, सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने से पहले नवजात शिशु छाती के संक्रमण से ग्रस्त हो जाते हैं। कई मर्तबा तो निमोनिया की शिकायत होने पर नवजात शिशु दम भी तोड़ देते हैं। अब प्रदेश सरकार की ओर से जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि ऑक्सीमीटर से नवजात शिशुओं के ब्लड में ऑक्सीजन लेबल को चेक किया जाएगा। इससे समय रहते पता चल जाएगा कि नवजात की छाती में संक्रमण है या नहीं। निमोनिया की शिकायत होने पर तुरंत नवजात को सिविल अस्पताल या मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जाएगा। इससे नवजात की निमोनिया बीमारी का समय पर उपचार हो सकेगा।
इसके अलावा भलेई में जल्द आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर का शुभारंभ किया जाएगा। बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की है। भलेई में चार करोड़ से हिमाचल प्रदेश टूरिज्म एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन की ओर से आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर का निर्माण किया गया है। पर्यटन व्यवसाय, जिले की पारंपरिक वस्तुओं और कला को बढ़ावा देना ही इसका उद्देश्य है। आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में चंबा थाल, चंबा रुमाल, चंबा चप्पल सहित पारंपरिक आभूषणों को भी ब्रिकी और इस संदर्भ में प्रशिक्षण की भी व्यवस्था रहेगी। कुल मिला कर भलेई में बना आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर कारीगरों के उत्थान के रास्तों को खोल कर उन्हें स्वावलंबन की ओर अग्रसर करेेगा।
जिले में जल्द शिल्प मेलों का भी आयोजन किया जाएगा। शिल्प मेलों के जरिये चंबा की शिल्पकला को जागृत करना प्रदेश सरकार का ध्येय है। पांगी में विद्युत संबंधी समस्या के निवारण करने के लिए भी सरकार लघु जलविद्युत परियोजना के आधुनिक और नवीनीकरण पर बल देगी। इसके अलावा 180 मेगावाट क्षमता की होली-बजोली परियोजना के निर्माणकर्ता को एकमुश्त रियायत देने का सरकार ने निर्णय लिया है, जिससे समयानुसार परियोजना का निर्माण हो सके और लोगों को इसका लाभ मिल सके। वहीं प्रदेश सरकार ने चंबा में बन रहे मेडिकल कॉलेज भवन के लिए स्वीकृत बजट में भी बढ़ोतरी की है, जिससे समयानुसार मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण हो सके। इसके अलावा चंबा में जायका परियोजना को भी शुरू किया जाएगा।