मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निखिल अग्रवाल की अदालत ने सुनाया फैसला
व्यक्ति ने किसान क्रेडिट कार्ड पर लिया था 50 हजार रुपये का ऋण
ना फीसदी देना होगा ब्याज, नोटिस के बाद भी जमा नहीं करवाए पैसे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। किसान क्रेडिट कार्ड पर 50 हजार रुपये का ऋण लेकर चुकता न करना व्यक्ति पर भारी पड़ा है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निखिल अग्रवाल की अदालत ने आरोपी को 56,267 रुपये की धनराशि 9 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए हैं।
न्यायालय में पहुंचे मामले में एसबीआई बैंक प्रबंधन की ओर से दायर अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये 23 मार्च 2007 को 50 हजार रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। सभी औपचारिकताएं पूरा करने के बाद बैंक प्रबंधन ने 50,000 का ऋण स्वीकृत किया था। भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार ब्याज पर सहमति जताई गई थी। इसके बाद उन्हें ऋण दे दिया गया। ऋण सुरक्षित करने के लिए बैंक के पक्ष में भूमि का एक बंधक समझौता हुआ और फसल की बिक्री के बाद दो महीने के भीतर ऋण की राशि का भुगतान करने और अधिकतम छह महीने के भीतर बैंक में 9.50 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देने पर सहमति व्यक्त की। ऋण मामले में दो वारंटर भी रखे गए। समय अवधि बीतने के बाद भी ऋण की राशि जमा न होने पर आरोपी को कई बार कॉल कर पैसे जमा करवाने को लेकर सूचित किया लेकिन आरोपी पैसे जमा करवाने को लेकर टाल-मटोल करने लगा। इसके बाद आखिर कार बैंक प्रबंधन की ओर से 7 जुलाई 2022 को आरोपी को नोटिस भेजा गया। इसके बाद भी पैसे जमा न होने पर बैंक प्रबंधन की ओर से न्यायालय में याचिका लगाई गई। इस पर अब न्यायाधीश चंबा ने अपना फैसला सुनाया है।