डीएम धर्मशाला ने बसों की समय पर मरम्मत और रंग-रोगन करवाने के निर्देश
सरकारी बसों की लगातार बिगड़ती हालत को लेकर मिल रही थीं शिकायतें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सफर के बीच रास्ते में हांफती बसें, खराब ब्रेक और टूटे शीशों के सहारे यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली व्यवस्था पर अब प्रशासन का गुस्सा फूट पड़ा है।
चंबा में सरकारी बसों की लगातार बिगड़ती हालत और बढ़ती शिकायतों के बीच डीएम धर्मशाला ने परिवहन विभाग को सख्त चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि तकनीकी रूप से असुरक्षित और खटारा बसें अब सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जारी इन कड़े निर्देशों के बाद बसों की मरम्मत और फिटनेस जांच का काम तेज कर दिया गया है।
जिले में सरकारी बसों की खराब हालत को लेकर डीएम धर्मशाला ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। बीते दिनों से बसों के खराब होने, ब्रेक फेल होने और तकनीकी खामियों की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई बार यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ चुकी है। बसों की खराब स्थिति के कारण यात्रियों को देर रात तक अपने घर पहुंचना पड़ रहा है।
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम धर्मशाला ने डीडीएम चंबा को निर्देश जारी कर कहा है कि टूटे शीशों, खराब ब्रेक और तकनीकी रूप से असुरक्षित बसों को किसी भी हालत में रूट पर न भेजा जाए। बसों की समय पर मरम्मत और बेहतर रंग-रोगन करवाया जाए। डीएम ने डीडीएम को निर्देश दिए हैं कि स्पेयर पार्ट्स की कमी किसी भी स्थिति में न आने दी जाए। इसके लिए हर दिन आवश्यक पार्ट्स की डिमांड भेजने को कहा है। बसों की मरम्मत और रंग-रोगन का काम चल रहा है। टूटे शीशे की जगह बसों में नए शीशे लगाए जा रहे हैं। वहीं, डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि बसों की मरम्मत की जा रही है। खटारा बसें रूटों पर नहीं भेजी जाएंगी। बसों की सही मरम्मत करके ही उन्हें रूटों पर भेजा जाएगा।