बीमित व्यक्ति का बीमा होने के बावजूद इंश्योरेंस कंपनी ने कर दिया बीमा राशि देने से मना
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण चंबा-द्वितीय रमणिक शर्मा की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वाहन दुर्घटना में बीमित व्यक्ति का बीमा होने के बावजूद मुआवजा राशि न देने पर इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण चंबा-द्वितीय रमणिक शर्मा की अदालत ने शिकंजा कस दिया है।
अदालत ने कंपनी को 5,58,976 रुपये की राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित प्रभावित को देने के आदेश दिए हैं।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण चंबा-द्वितीय रमणिक शर्मा की अदालत में पहुंचे मामले में पीड़ित ने बताया कि 4 फरवरी 2020 को उनके पिता वाहन में सवार होकर जा रहे थे। वाहन चालक तेज और लापरवाही से वाहन चला रहा था। जब गाड़ी कुड्डी पुल के पास पहुंची तो चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। इससे गाड़ी लगभग 100 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में उनके पिता को गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दाखिल किया गया लेकिन उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पिता खेतीबाड़ी के अलावा अन्य कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पर वित्तीय संकट आ गया। प्रभावित परिवार ने सभी दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने इंश्योरेंस करने वाली कंपनी को समस्त दस्तावेज सौंप कर मुआवजा राशि के लिए आवेदन किया। लंबे समय तक चले कागजों को लेकर तफ्तीश के बाद कंपनी ने इंश्योरेंस की राशि देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार की ओर से मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण चंबा-द्वितीय की अदालत में याचिका लगाई गई। याचिका के तहत विभिन्न गवाहों और सबूतों के आधार पर अब अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को 5,58,976 रुपये की राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित प्रभावित को अदा करने के आदेश जारी किए हैं।