सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी।संवाद
धरवाला (चंबा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी (सीएचसी) 12 पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाता है, लेकिन वर्तमान में यह केंद्र खुद बीमार है। डॉक्टरों की कमी से यहां मरीज बेहद परेशान हैं। रात को आपातकाल में उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं।
लोगों का कहना है कि यह प्रदेश में पहला ऐसा सीएचसी है, जहां पर सिर्फ एक ही डॉक्टर का पद स्वीकृत है। अन्य सीएचसी में पांच डॉक्टरों के पदों की सुविधा है। एक डॉक्टर ओपीडी में बैठकर बारी-बारी मरीजों की जांच करने में व्यस्त रहता है। ज्यादा भीड़ होने पर मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यदि यहां पांच डॉक्टरों की नियुक्ति होगी तो मरीजों को शीघ्र इलाज करवाने की सुविधा मिलेगी।
साथ ही रात को भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। यहां रोजाना 100 से अधिक ओपीडी रहती है। इसलिए यहां डॉक्टरों की संख्या बढ़ाए जाना जरूरी है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि चूड़ी सीएचसी में डॉक्टराें के पद बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जब अन्य सीएचसी में पांच डॉक्टरों के पद भरे जा रहे हैं तो चूड़ी सीएचसी से भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इसको लेकर लोगों में काफी रोष है। श्रवण कुमार निवासी राड़ी
सरकार और विभाग को यहां डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए, ताकि रात को भी मरीजों को यहां सेवाएं मिल सकें। संजय राजपूत निवासी चूड़ी
12 पंचायतों के लोगों को शाम ढलने के बाद छोटी सी बीमारी का इलाज करवाने के लिए 20 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ता है। रात को यहां ताला लटका रहता है। पुरुषोत्तम जरयाल निवासी ब्रेही
भरमौर के विधायक इस मुद्दे को सरकार के समक्ष गंभीरता से उठाएं, ताकि लोगों को यहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। दीपक वास निवासी धिमला