सब्सिडी खत्म होना माना जा रहा कारण, हर साल रहती थी औसतन 1800 से 2050 क्विंटल मांग
किसानों ने निजी संचालकों से लिया बीज, इस बार कम बिका है 600 क्विंटल सरकारी बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में इस साल मक्की के बीज की सरकारी बिक्री में भारी गिरावट आई है। कृषि विभाग के डिपो से अब तक सिर्फ 1200 क्विंटल बीज ही बिका है जबकि हर साल औसतन 1800 से 2050 क्विंटल की मांग रहती थी। इसका कारण सरकार की ओर से मक्की के बीज पर मिलने वाले अनुदान को खत्म करना माना जा रहा है। महंगे रेट के कारण किसान विभाग के बजाय निजी बीज विक्रेताओं की तरफ चले गए। इस वजह से सरकारी मक्की के बीज का ग्राफ इस बार 1200 क्विंटल तक ही थम गया।
गौरतलब है कि जिले से औसतन 1800 से 2050 क्विंटल तक मक्की के बीज की मांग रहती थी। इस बार यह ग्राफ बेहद नीचे गिर गया है। औसतन 600 क्विंटल सरकारी बीज इस बार कम बिका है। इसका बड़ा कारण सब्सिडी खत्म होना माना जा रहा है। वहीं, बंदरों के उत्पात के चलते भी शहरी क्षेत्रों के किसान मक्की की बिजाई करने से परहेज कर रहे हैं। कोरोना काल के दौरान चंबा में मक्की का रिकाॅर्ड बीज बिका था। 2200 क्विंटल तक उस समय मक्की के बीज की मांग रही लेकिन पिछले दो सालों से यह डिमांड कम होती जा रही है। जिले में इस बार 1200 और गत वर्ष 1600 क्विंटल तक ही सरकारी मक्की का बीज बिका है। लिहाजा, चंबा में मक्की की बिजाई का रुझान घटता जा रहा है।
कृषि उपनिदेशक चंबा डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार सरकार ने सब्सिडी कम की है। इससे सरकारी बीज की बिक्री पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि 1200 क्विंटल तक चंबा में इस बार बिका है।