भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए नकरोड़-चांजू-चरड़ा मार्ग को खुलने में एक सप्ताह का वक्त और लग सकता है।
लोक निर्माण विभाग अभी तक मार्ग का सिर्फ 40 मीटर हिस्सा ही ठीक कर पाया है। जबकि यहां 150 मीटर तक मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। मार्ग पर लगातार भूस्खलन जारी है और लोनिवि के मजदूर जान जोखिम में डालकर मार्ग बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। जिस जगह भूस्खलन हुआ है वहां पूर्व में भी पहाड़ दरकते रहे हैं। इस सब के बीच चांजू और चरड़ा के लोगों की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं।
आसपास की पांच पंचायतों का सड़क संपर्क कट चुका है और यहां अब राशन की दिक्कत महसूस होने लगी है। दुकानों पर सामान बिकना बंद हो गया है। लोग घरों के लिए राशन पीठ पर ढोने को मजबूर हैं। बीमार लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। 108 एंबुलेंस भी पांच पंचायतों के संपर्क से बाहर है। ऐसे हालात में मार्ग खुलने में एक सप्ताह और लगने की बात सामने आते ही लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अभी तक लोक निर्माण विभाग को करीब 110 मीटर हिस्से को आवाजाही के लिए खोलना है और ऊपर से उन्हें लगातार हो रहे भूस्खलन का भी सामना करना पड़ रहा है। इस बीच प्रशासन ने भी लोक निर्माण विभाग से मार्ग बहाल करने में तेजी लाने का आह्वान किया है।
एक सप्ताह और लगेगा : लोनिवि
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर का कहना है कि मार्ग को बहाल करने की पूरी कोशिश हो रही है। लगातार भूस्खलन के बावजूद लोनिवि ने 40 मीटर सड़क को खोल दिया है। अब भी करीब 110 मीटर सड़क खुलना बाकी है। जिसमें एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।
लोनिवि पर टिकी हैं सारी उम्मीदें : एसडीएम
एसडीएम तीसा हितेश आजाद का कहना है कि मार्ग बहाल करने की सारी उम्मीदें लोनिवि पर हैं। उन्होंने लोनिवि से इस बारे में बात की है और विभाग को पूरी ताकत के साथ काम में जुटने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि विभाग जल्द ही मार्ग बहाल करने में कामयाब होगा।
भूस्खलन के कारणों की होगी जांच
मार्ग के करीब एक सप्ताह तक बंद रहने के बीच अब इसके कारणों पर भी अटकलें शुरू हो गई हैं। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग दोनों ने मार्ग बहाल होने के बाद जांच की बात कही है। भूस्खलन के बाद कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन और लोनिवि के समक्ष पहाड़ के नीचे से सुरंग गुजरने, उसकी ब्लास्टिंग के असर से पहाड़ी दरकने और भूस्खलन आने की बात कही थी।