चंबा। जिले में बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भटियात के भगड़ाथा गांव में एक गोशाला ढहने से एक गाय और 10 भेड़-बकरियों की मौत हुई है। वहीं, जिले में तीन मकान क्षतिग्रस्त हुए, एक दुकान और चार गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। वहीं, जिले में पांच मकानों को भूस्खलन से खतरा उत्पन्न हो गया है। चंबा विधानसभा क्षेत्र के तहत आते पप्पू पुत्र धर्मों निवासी धरमणी की दुकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई है। उसका सामान भी खराब हो गया। वहीं, देवो पत्नी बोधराज निवासी टिकरीगढ़, चुराह, लोकिंद्र कुमार पुत्र धर्मों निवासी बागनाला और इब्राहिम पुत्र शेर मोहम्मद निवासी गोलूकोट रजेरा का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके अलावा सुभाष पुत्र गिरधारी निवासी बैली और मालो पुत्र धांजू निवासी बैली के मकान के आगे की सुरक्षा दीवार गिरने और पप्पू पुत्र नाथ गांव धरमाणी के मकान को भूस्खलन से खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा जितेंद्र कुमार, राजिंद्र कुमार, चैन लाल, अजैसो राम और राजेंद्र कुमार की गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 38 सड़कें बहाल, चार मार्ग बंद
जिले में सोमवार सुबह तक 42 मार्ग बंद रहे। इनमें देर शाम तक 38 मार्गों को यातायात के लिए बहाल करवा दिया है। अभी भी चार मार्ग अवरुद्ध पड़े हुए हैं। सोमवार को भरमौर-पठानकोट हाईवे पर परिहार के पास भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, जिला प्रशासन ने विभागीय टीमों को तैनात कर करीब साढ़े छह घंटे बाद हाईवे को यातायात के लिए बहाल कर दिया।
49 पेयजल योजनाएं ठप, छह ट्रांसफार्मर बंद
जिले में भारी बारिश के कारण 49 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। चंबा में पांच, तीसा में पांच भरमौर में सात, पांगी में आठ और भटियात में सबसे अधिक 24 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, जिले में 12 ट्रांसफार्मर बंद रहे। इसमें से बोर्ड की टीमों ने छह ट्रांसफार्मर सुचारु करवा दिए हैं, जबकि छह ट्रांसफार्मर अभी सुचारु होना बाकी हैं। पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से लोगों को मीलों दूर से पानी पैदल या गाड़ियों के जरिये ढोना पड़ रहा हैं, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं।