चंबा। चंबा से हरिद्वार के बीच करीब 610 किलोमीटर लंबे रूट पर 12 साल पुरानी सरकारी बसें भेजने का मामला सामने आया है। यात्रियों ने इसे सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
यात्री नीरज कुमार, अनिल कुमार, रोशन लाल, दौलत राम, दिनेश कुमार, अमन कुमार और साहिल कुमार ने कहा कि इस रूट यात्रा के दौरान पुरानी बसों में कई बार इंजन गर्म होने, ब्रेक संबंधी और अन्य दिक्कतों से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
600 किलोमीटर से अधिक लंबे पहाड़ी और मैदानी मार्ग पर चलने वाली बसों की फिटनेस और तकनीकी जांच बेहद सख्त होनी चाहिए, लेकिन यहां पुराने वाहनों को ही लंबे रूट पर भेजा जा रहा है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्हाेंने परिवहन निगम से मांग की है कि लंबे रूटों पर नई बसें लगाई जाएं। उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह का कहना है कि बसों की मरम्मत करके ही उन्हें रूट पर भेजा जाता है। कई बसें काफी साल पुरानी हो गई हैं। नई बसों की मांग भेजी है।