जसूर में इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाने से पहले पूजा करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्र
जसूर (कांगड़ा)। नूरपुर क्षेत्र को पांच नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली है। बुधवार को जसूर स्थित हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की वर्कशॉप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी पांच बसों को पठानकोट डिपो में शामिल किया गया है। साथ ही उन्होंने जसूर स्थित एचआरटीसी वर्कशॉप के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने निगम के बेड़े को आधुनिक बनाने, नई बसें खरीदने और कर्मचारियों की भर्ती को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 12 मीटर लंबाई वाली 366 एचआरटीसी बसों को कबाड़ घोषित कर नीलाम करने का निर्णय लिया गया है। निगम के बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए एक हजार नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं। इसके अलावा 200 हाइड्रोजन बसें और 250 डीजल बसें भी बेड़े में शामिल की जाएंगी। आने वाले समय में नूरपुर क्षेत्र को भी और इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाई जाएंगी। निगम में 300 चालकों और 300 परिचालकों की भर्ती भी जल्द की जाएगी। एचआरटीसी की नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पठानकोट से बैजनाथ, डाडा सीबा, गगरेट, हरिपुर-धर्मशाला और कुंडीहवार रूट पर किया जाएगा। एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने बताया कि पांचों इलेक्ट्रिक बसों का संचालन इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि प्रत्येक बस प्रतिदिन कम से कम 250 किलोमीटर की दूरी तय करे। उन्होंने बताया कि जसूर और पठानकोट में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने फिना सिंह सिंचाई परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्वर्गीय सत महाजन का ड्रीम प्रोजेक्ट था। करीब 650 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना पर अब तक 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन धन की कमी के कारण यह लगभग 12 वर्षों से लंबित रही। अब परियोजना को पूरा करने के लिए 350 करोड़ रुपये मंजूर करवाए गए हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करना स्वर्गीय सत महाजन के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इस अवसर पर नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन ने जसूर एचआरटीसी वर्कशॉप के विकास और क्षेत्र को पांच इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाने के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। आगामी सत्र में नूरपुर क्षेत्र के लिए और अधिक इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई जाएगी।