धर्मशाला के कांगड़ा कला संग्रहायलय में आयोजित प्रदर्शनी का निहारते हुए एसडीएम मोहित रतन। स्रोत:
धर्मशाला। सेना शिक्षा कोर और हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त विनय अवस्थी बांस और लकड़ी से हिमाचल के ऐतिहासिक मंदिरों और पारंपरिक स्लेटपोश मकानों की आकर्षक कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी कांगड़ा कला संग्रहालय धर्मशाला में लगाई गई हैं। इसका उद्घाटन धर्मशाला के एसडीएम मोहित रत्न ने किया।
विनय अवस्थी ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्हें इस कला के प्रति रुचि पैदा हुई। शुरुआत में उन्होंने पुरानी लकड़ियों से आकर्षक आकृतियां तैयार कीं और बेस्ट फ्रॉम वेस्ट की अवधारणा पर काम किया। उनकी कला को प्रदेश से बाहर भी पहचान मिली है। विनय अवस्थी ने बताया कि पिछले महीने उनकी ओर से तैयार बैजनाथ शिव मंदिर की कलाकृति तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भेंट की गई। उन्होंने बताया कि बांस काटने के अलावा कलाकृतियों को अंतिम रूप देने तक का अधिकांश काम वह स्वयं करते हैं। एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल की पारंपरिक कला और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना जरूरी है।