देश-दुनिया में ख्याति प्राप्त चंबा चप्पल पर अब हाथ से डिजाइन बनाने का झंझट खत्म होगा। कंप्यूटराइज्ड लेजर लैदर कटिंग मशीन से चंद मिनट में ही अब ये डिजाइन तैयार होगा। इतना ही नहीं, एक दिन में हाथ से 5 से 7 चप्पल पर ही डिजाइन तैयार हो पाते थे। अब मशीन के जरिये 50 से लेकर 70 चप्पलों पर डिजाइन तैयार हो रहा है। लेजर कटिंग मशीन अब आगामी समय में शिल्पकारियों का समय और पैसों की बचत करेगी। ट्रायल के आधार पर लेजर कटिंग मशीन को रंगमहल में स्थापित किया गया है। आगामी समय में इस मशीन के जरिये आकर्षक छल्ले, एयर रिंग, कांटे, बेल्ट और लैदर के पर्स पर डिजाइन बनाने की योजना के तहत कार्य चल रहा है।
जिला प्रशासन की ओर से शिल्पकला को प्रोत्साहन देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रशासनिक चलो चंबा अभियान के तहत शिल्पकला को बढ़ावा और उत्थान देने के लिए चंबियाल प्रोजेक्ट के तहत पांच लाख कीमत की लेजर कटिंग मशीन खरीदी गई है। इसका मुख्य मकसद चंबा चप्पल और चमड़े के कारीगरों के समय की बचत और उनकी मेहनताना बढ़ाना रहा है। इसी क्रम में अब लैदर कटिंग मशीन के जरिये कम समय में चंबा चप्पलों पर मनमोहक डिजाइन तैयार किए जा सकते हैं। नव सिरजन शिल्पकार संघ के उपाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से शिल्पकारों और चमड़े के कारीगरों का कार्य आगे बढ़ाने में विशेष योगदान दिया जा रहा है।