चंबा। शातिर ठगी के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। सरकारी योजनाओं के नाम पर फोन कॉल कर लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं।
चंबा में भी ऐसे ही कुछ मामले सामने आए हैं। बेटी के जन्म पर जिला महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग मातृत्व योजना के तहत छह हजार रुपये की राशि देता है। ठग अब इसी योजना के नाम पर लोगों को फोन कर रहे हैं। किसी को शक न हो, इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर लिया जा रहा है। ऐसे में सरकारी योजना से लाभांवित होने के चक्कर में लोग शातिरों के झांसे में आ सकते हैं। जिला महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग के पास भी इस तरह की फर्जी कॉल आने की शिकायतें मिली हैं। विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस बारे में जागरूक करने के साथ अलर्ट कर दिया है। साथ ही विभागीय डाटा किसी से भी शेयर न करने के निर्देश जारी किए गए हैं।जिले में 1495 आंगनबाड़ी और मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें सैकड़ों नौनिहाल आते हैं। बेटी का जन्म होने पर सीडीपीओ विभाग की ओर से परिजनों को छह हजार रुपये दिए जाते हैं। अब ठगों की नजर योजना के तहत मिलने वाली धनराशि और लोगों के बैंक खातों पर है।
महिलाओं में इंदुबाला, अनीता देवी, विमला देवी, सुनीता देवी और बीना देवी ने बताया कि फर्जी कॉल के जरिये उनके साथ भी ठगी करने का प्रयास किया गया। जब उन्होंने परिजनों से इस बारे में बात की तो उन्होंने कुछ भी जानकारी शेयर न करने की बात कही। साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी इस बारे में अवगत करवाया।
जिला परियोजना अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि शातिर अब मातृत्व योजना के तहत मिलने वाली धनराशि के जरिये बैंक खातों में सेंधमारी करने की फिराक में हैं। विभाग ने आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को सचेत करते हुए किसी से भी विभागीय डाटा शेयर न करने के निर्देश जारी किए हैं।