बनीखेत (चंबा)। फलदार पेड़ों को लगने वाली बीमारियों से अब बागीचे तबाह नहीं होंगे। बीमारियों का पता लगाने के लिए बनीखेत में प्लांट हेल्थ क्लीनिक का निर्माण किया जाएगा। 25 लाख की राशि से निर्मित होने वाले इस प्लांट हेल्थ क्लीनिक में विशेषज्ञ तैनात रहेंगे, जो फलदार पेड़ों को लगने वाली बीमारियों का समय पर पता लगाकर उनके समाधान संबंधी राय बागवानों को देंगे। विकास खंड सलूणी और भटियात के बागवानों को इस क्लीनिक का भरपूर लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि जिले में तीन हजार बागवान विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों से अपना और परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। इन बागवानों में से भी कुछ बागवान अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ दर्जनों अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया करवा रहे हैं। विकास खंड सलूणी और भटियात की बात की जाए तो यहां के बागवानों को अपने फलदार पेड़ों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों का पता लगाने और उसका उपचार करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है लेकिन, अब उद्यान विभाग ने बागवानों की समस्या को देखते हुए बनीखेत में प्लांट हेल्थ क्लीनिक बनाने का प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।
ऐसे में अब आगामी समय में प्लांट हेल्थ क्लीनिक निर्मित होने से बागवान फलदार पौधों में लगने वाले रोग का पता लगा समय पर उसका सही उपचार कर सकेंगे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इन क्षेत्रों के बागवानों को फलदार पौधों में लगने वाली बीमारियों का पता लगाने के लिए पेड़ों के नमूने धर्मशाला जांच के लिए भेजने पड़ते हैं। कई बार उपचार में देरी से फलदार बगीचे तबाह हो जाते हैं।
प्लांट हेल्थ क्लीनिक में एक लैब, कार्यालय, कमरोें सहित हाल का निर्माण किया जाएगा। यहां पर लैब में उपकरणों सहित फर्नीचर की व्यवस्था भी रहेगी।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजीव चंद्रा ने बताया कि बनीखेत में प्लांट हेल्थ क्लीनिक का निर्माण होगा। क्लीनिक निर्मित होने से सलूणी और भटियात के बागवान यहीं अपने फलदार पौधों को लगने वाली बीमारियों की जांच करवा सकेंगे। इससे पहले फलदार पौधों को लगने वाली बीमारियों से संबंधित सैंपल धर्मशाला भेजने पड़ते थे। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पर 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।