चंबा। भरमौर क्षेत्र में बर्फबारी के बाद पेयजल और बिजली संकट गहरा गया है। 11 दिन क्षेत्र में हो रही बर्फबारी के कारण चार परियोजनाएं बंद पड़ीं हैं और 20 गांव इससे प्रभावित हैं। कुछ पेयजल लाइनें भारी बर्फबारी के कारण टूट गईं हैं तो कुछ पेयजल लाइनें जाम हैं। लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। इसके अलावा भरमौर क्षेत्र के 40 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद है।
हालांकि विभागीय टीमें कड़ी मशक्कत कर रही हैं, लेकिन अभी तक इन योजनाओं की बहाल नहीं हो पाई है। उधर, मंगलवार को दोपहर बाद भी भरमौर की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, भरमाणी, चौबिया, कुगति, बड़ाग्रां, पूलन, गरिमा समेत आस-पास के परिक्षेत्र में 5.08 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। निचले क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी रहा। वहीं, पांगी उपमंडल की ऊपरी चोटियों चस्क, हिलुटुबान, हुड़ान भुटोरी, सचे जोत में हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि बारिश और बर्फबारी के बाद व्यवस्था बहाली का कार्य जारी है। विभागीय टीमें फील्ड पर जुटी हुई हैं।
आठ मार्ग किए बहाल, कुल 70 गांवों में है अंधेरा
मंगलवार को जिले के आठ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बहाल हुई, जबकि भारी बर्फबारी के कारण पांगी में 16 मार्ग 11 दिन बंद पड़े हुए हैं। वहीं, चंबा जोत, बनीखेत-लक्कड़मंडी डलहौजी सहित चंबा पांगी वाया साच पास भारी बर्फबारी के कारण बाधित है। इसके अलावा जिले में भरमौर समेत 11 ट्रांसफार्मर बंद होने से करीब 70 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। इसमें उपमंडल सलूणी और तीसा के 15-15 गांवों में भी बिजली गुल है।