डलहौजी (चंबा)। कोरोना की दूसरी लहर के चलते पर्यटन नगरी डलहौजी सूनी पड़ गई है। इसके चलते होटल कारोबारियों का धंधा चौपट हो गया है। सरकार की ओर से कोरोना महामारी के दौरान पर्यटकों की एंट्री पर प्रस्तावित निर्देशों से होटल कारोबारी असमंजस में हैं। स्थिति यह है कि वर्तमान में जहां पर्यटकों की आवाजाही नहीं हो रही है तो वहीं, सरकार के प्रस्तावित निर्देश पर्यटन सीजन को चौपट करने का काम करेंगे। होटल कारोबारी अमन महेंद्रु, दीपक गंडोत्रा सहित अन्य का कहना है कि गत वर्ष लॉकडाउन के चलते होटलियर्स को नुकसान हुआ था। उन्हें उम्मीद थी कि वर्ष 2021 में पर्यटन सीजन रफ्तार पकड़ेगा लेकिन सरकार के नए निर्देशों से होटलियर्स में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई।
गौरतलब है कि सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए 16 अप्रैल को प्रदेश में पर्यटकों को एंट्री आरटीपीसीआर रिपोर्ट के आधार पर देगी। निगेटिव होने पर ही पर्यटक डलहौजी में प्रवेश सकेंगे। कुल मिलाकर पर्यटन सीजन के लिए बंधी बेहतर कारोबार की उम्मीद पर पानी फिर गया है।
होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कर्ण मोंगा का कहना है कि सरकार अगर निर्देशों का लागू करती है तो पर्यटन सीजन चौपट हो जाएगा।कहा कि सरकार को अपने निर्देशों में संशोधन करना चाहिए और पर्यटकों की एंट्री के लिए अन्य शर्त रखनी चाहिए। कहा कि होटल कारोबारी पहले से ही काफी घाटे में हैं।