मैहला में प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम में अपनी समस्या बताता ग्रामीण।
- फोटो : Chamba
मैहला (चंबा)। ग्राम पंचायत चड़ी के तीन गांवों टिकरू, रैली और पुखरी में छह माह से पानी की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। पानी की सप्लाई बंद होने से ग्रामीणों को तीन किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है। इससे लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं।
प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम में चड़ी पंचायत के ग्रामीणों ने ज्वलंत समस्याओं को एसडीएम शिवम प्रताप सिंह के समक्ष उठाया। वहीं, कहा कि मैहला पंचायत के उखला और बमणा में बिजली के खंभे गिरने से तार नीचे लटक रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। बिजली के खंभे लगा कर तारों को व्यवस्थित करने की मांग प्रशासन से उठाई गई।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैहला में 700 विद्यार्थियों के लिए निर्मित तीन शौचालयों की संख्या को बढ़ाने की वकालत की गई। इस पर एसडीएम ने ग्रामसभा से प्रस्ताव बना कर भेजने की बात कही। वहीं, चड़ी पंचायत के बाशिंदों ने बैंसका-कूहल को क्रियान्वित करने के साथ ही कुरांह से चड़ी के लिए बनने वाले मार्ग का कार्य कछुए की गति से चलने का मुद्दा भी उठाया। गागला पंचायत प्रतिनिधि लालू राम ने ग्रामीणों की ज्वलंत मांग को उठाते हुए कहा कि काकरेठू, बलेरा, च्हनैता, सकेला, गागला प्रथम और गागला द्वितीय में पानी की आपूर्ति बंद पड़ी हुई है। स्रोत से गांवों तक एक इंच की पाइप लाइन का बिछा होना इसका मुख्य कारण है।
इसकी जगह डेढ़ इंच का पाइप लाइन बिछाने की मांग की गई। कहा कि प्राकृतिक स्रोत के पास पानी के लिए स्टोरेज टैंक और फिल्टर टैंक भी नहीं हैं। ग्रामीणों ने एक स्वर से कुरांह में कूड़ा-संयंत्र केंद्र स्थापित करने भी मांग उठाई। निचला गागला पंचायत में बिजली की समस्या को दूर करने और कोविड काल में बंद की गई गागला-डुलाड़ा मार्ग पर चलने वाली बस सेवा को दोबारा बहाल मांग की। राजकीय प्राथमिक पाठशाला गोठ में वर्तमान समय में एक भी स्थायी अध्यापक के न होने का मुद्दा भी प्रशासन से उठाया गया। मैहला में 70 लोगों ने विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।
एसडीएम शिवम प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम लोगों की सहूलियत के लिए ही चलाया गया है। कार्यक्रम के जरिये लोग अपनी समस्याओं को विभागीय अधिकारियों के समक्ष रख कर समाधान करवा सकते हैं।