चंबा। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में संबंधित विभागों की लापरवाही दाग लगा रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण ऐतिहासिक रंगमहल की इमारत है। वर्तमान समय में ऐतिहासिक इमारत के इर्द-गिर्द उगी झाड़ियां जहां इसकी शोभा को दागदार कर रही हैं तो वहीं, इमारत के आसपास फेंकी गंदगी बीमारी को न्योता दे रही है। बावजूद इसके झाड़ियों को काटने और गंदगी साफ करने के लिए अभी पहल तक नहीं की गई है।
गौरतलब है कि ऐतिहासिक इमारत रंगमहल में वर्तमान समय में कई विभाग क्रियान्वित हैं। इनमें जिला भाषा एवं संस्कृति, जिला रोजगार कार्यालय, डाकघर, हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारपोरेशन कार्यालय और श्रम विभाग शामिल हैं। इन विभागों में सैकड़ों की संख्या में लोग, प्रशिक्षु और छात्र अपने विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, ऐतिहासिक इमारत में उगी झाड़ियों से जहां इसकी दीवारें खोखली हो रही हैं तो वहीं, भवन की देखरेख के लिए भी कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है।
पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पीसी ओबरॉय शासन-प्रशासन के समक्ष इस ज्वलंत मुद्दे को उठा चुके हैं। बावजूद इसके, भवन के आसपास उगी झाड़ियों को अभी तक नहीं हटाया गया है। इसके चलते मोहल्ला वासियों में संबंधित विभागों और नगर परिषद के प्रति रोष है।
मोहल्लावासी केवलकृष्ण, अजय कुमार, दिलीप कुमार, सुनील कुमार, रजत आदि ने जिला प्रशासन से ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और सुंदरता को बरकरार रखने के लिए भवन के आसपास उगी झाड़ियों को साफ करवाने और वहां फैली गंदगी को उठाकर निष्पादित करवाने की मांग की है।
सुराड़ा वार्ड की पार्षद उर्मिला जसरोटिया ने कहा कि वार्ड की तरफ से हाउस की बैठक में रंगमहल के खाली क्षेत्र में मलबे को निकाल कर वहां पर सुंदर पार्क बनाए जाने संबंधी प्रस्ताव डाला गया है। जैसे ही प्रस्ताव को अनुमति मिलेगी, उसके तहत आगामी कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।