मणिमहेश में छोटे स्नान पर आए श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर घरों की तरफ लौट गए हैं। राधाष्टमी तक यह क्रम जारी रहेगा। भरमौर से करीब 26 किलोमीटर दूर तक शिव भोले के जयकारे सुनाई देते रहे।
शुक्रवार को मणिमहेश कैलाश पर बादल छाए जाने की वजह से हेलीकॉप्टर से उड़ानें नहीं हो पाई। हेली टैक्सी से मणिमहेश दर्शन करने वाले श्रद्धालु धुंध छंटने का इंतजार करते रहे। वीरवार को मौसम साफ होने की वजह से दिन भर उड़ानें हुई थी। शुक्रवार को भरमौर में मौसम साफ था लेकिन कैलाश पर्वत पर बादल छाए हुए थे।
डल झील पर इस बार छोटे स्नान को लेकर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। छोटे शाही स्नान पर गए श्रद्धालुओं ने बताया कि डल झील के प्रवेश द्वार पर पुलिस की व्यवस्था नाममात्र होने के कारण आने व जाने वाले श्रद्धालुओं की वजह से जाम लग रहा था। श्रद्धालु स्नान करके वापस लौट रहे थे तो कुछ स्नान के लिए झील तक जाना चाहते थे। डल झील पर पहुंचते ही श्रद्धालु डल झील की परिक्रमा करते हैं उसके बाद स्नान व चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा करके वापस लौटते हैं।
छोटे स्नान में पेश आई खामियों को दूर करने के लिए प्रशासन ने सेक्टर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। उपमंडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि वे खुद भी हड़सर से डल झील तक स्थिति का जायजा लेने जा रहे हैं। जो भी कमियां होंगी उन्हें मौके पर सुधार लिया जाएगा। साथ ही संबंधित सेक्टर अधिकारी को निर्देश दिए जाएंगे ताकि बड़े मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना न करना पड़े।