चंबा। मणिमहेश यात्रा को देखते हुए एनएच प्राधिकरण ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सभी कर्मचारी यात्रा के दौरान नियमित रूप से ड्यूटी देंगे। इस बार प्राधिकरण ने एचएच को 24 घंटे सुचारु रखने के लिए विशेष योजना बनाई है। इसमें एनएच के हरेक 10 किलोमीटर के दायरे में एक जेसीबी 24 घंटे तैनात रहेगी जिससे किसी भी समय एनएच बाधित होता है तो उसे तुरंत बहाल किया जा सके। इतना ही नहीं मशीन के साथ विभागीय कर्मचारी भी 24 घंटे वहां मौजूद रहेंगे। इसके लिए उनके रहने की व्यवस्था भी वहीं पर की जाएगी। इस कार्य को अंजाम देने के लिए एनएच प्राधिकरण ने सरकारी और निजी मशीनरी का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है।
मणिमहेश यात्रा के दौरान कटोरी बंगला से लेकर भरमौर तक एनएच में कहीं पर भी यदि कोई श्रद्धालु एनएच बाधित होने से फंसता है तो उसकी सुविधा के लिए एनएच अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करेगा। इन नंबरों को बोर्ड के माध्यम से एनएच के विभिन्न भागों में दर्शाया जाएगा जिससे कोई भी मणिमेहश यात्रा के दौरान आपात परिस्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर सके। एनएच की तरफ से यह योजना तैयार की गई है कि जब तक मणिमहेश यात्रा सुचारू रहेगी तब तक एनएच को किसी भी हालात में बंद नहीं रहने दिया जाएगा। चंबा-भरमौर एनएच भूस्खलन होने से अक्सर यातायात के लिए बंद हो जाता है। इन्हीं परिस्थितियों से निपटने के लिए प्राधिकरण ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत एनएच किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं रहेगा। एनएच की इस योजना से मणिमहेश यात्रियों को चंबा से भरमौर मार्ग पर दिन-रात के समय यात्रा करने में कोई चिंता नहीं सताएगी।
एनएच के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि मणिमहेश यात्रा को देखते हुए सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा एनएच को 24 घंटे सुचारु रखने के लिए हर दस किमी के दायरे में एक जेसीबी मशीन तैनात रहेगी जो एनएच बाधित होने पर तुरंत बहाली का कार्य शुरू करेगी। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए एनएच अधिकारियों के नंबर भी सार्वजनिक किए जाएंगे।