चंबा में बैंकों के बाहर लगी लाइनें।
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एटीएम के बाहर लंबी कतारें और बैंकों में अथाह भीड़। कहीं नोट बदलने के लिए कैशियर से झिकझिक तो कहीं मैनेजर की सिफारिश।
बैंकों में माहौल 500 और एक हजार के नोट बंद होने तीन दिन बाद भी नहीं बदला। उम्मीद जरूर थी कि एटीएम खुलेंगे तो थोड़ी राहत मिलेगी। लेकिन वह भी पूरी नहीं हो पाई। चंबा शहर में एसबीआई ने पहल करके सबसे पहले एटीएम खोला लेकिन महज ग्यारह बजे तक लोगों को सेवाएं देने के बाद ही एटीएम का सारा कैश खत्म हो गया।
एटीएम में दोबारा पैसा भरने के इंतजार में लोग भूखे-प्यासे दोपहर दो बजे तक इंतजार करते रहे। लेकिन बैंक प्रबंधन एटीएम को दोबारा बहाल नहीं कर पाया। सुबह ग्यारह बजे के बाद से कतार में लगे लोग एटीएम के सामने ही बैठ गए।
बैंक के अंदर का माहौल पहले दिन से बदला नजर नहीं आया। शुक्रवार को बैंकों में पहले दिन के मुकाबले ज्यादा भीड़ नजर आई। शुक्रवार को कई महिलाएं भी अपने नोट बदलने या फिर पैसे जमा करवाने के लिए बैंक पहुंची थी। तो कुछ लोग बैंक प्रबंधकों से पैसा बचाने की सलाह भी लेते नजर आए। बैंकों में शनिवार दोपहर तक नए नोट चंबा पहुंच गए लेकिन लोगों को नसीब नहीं हए। चंबा में सभी बैंकों में सुबह से ही लोगों की कतारें लगना शुरू हो गई थी।
कुछ लोग एटीएम के बाहर जमावड़ा लगाकर खड़े थे ताकि एटीएम खुलते ही उन्हें भुगतान हो सके। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और इन लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। करीब तीन घंटे ठप रहने के बाद दो बजे के बाद दोबारा एटीएम बहाल हो गए।
लगातार काम कर रहे कर्मचारी : ठाकुर
उधर, लीड बैंक के प्रबंधक एलआर ठाकुर ने बताया कि बैंक के कर्मचारी सुबह से बैठे हैं और लगातार काम कर रहे हैं। एटीएम चलाने का प्रयास किया गया था। लेकिन सर्वर डाउन होने की वजह से पैसे नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी।