जिला परिषद की सरदारी के फैसले को लेकर मंगलवार को होने वाली बैठक के कोरम पर संशय बना हुआ है। इस कोरम को पूरा करने के लिए 12 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी, लेकिन दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के पास सदस्यों की इतनी संख्या नहीं है। यह कोरम सीधे तौर पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से जुड़ा है। ऐसे में दोनों ही राजनीतिक दल कोरम पूरा करने के लिए आगे नहीं आएंगे। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस के बीच फंसे इस चुुनाव पर सबकी नजरें लगी हुई हैं।
भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं, जबकि कांग्रेस में सीधेतौर पर निवर्तमान अध्यक्ष अमित भरमौरी और पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष धर्म सिंह पठानिया पर बहस छिड़ी हुई है। मंगलवार को होने वाली बैठक में कोरम पूरा होने के लिए दो तिहाई सदस्यों की जरूरत पड़ेगी, यानी 12 सदस्यों की मौजूदगी में ही अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो पाएंगे। दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के लिए अध्यक्ष पद की ताजपोशी के लिए दस सदस्यों के समर्थन की जरूरत है लेकिन मंगलवार की इस बैठक में सबसे खास कोरम पास होना है।
दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के पास अपने दस सदस्य नहीं हैं। ऐसे में निर्दलीय और बागी जिला परिषद किसी का भी खेल खराब कर सकते हैं। भाजपा के लिए सबसे बड़ी अड़चन अध्यक्ष पद का नाम घोषित करने की है। नाम सामने आने के बाद पार्टी में बगावत का खतरा भी मंडरा रहा है, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलेगा। ऐसे माहौल में मंगलवार को होने वाली बैठक पर भी संशय बरकरार है। दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के पास 12 सदस्य नहीं हैं और दोनों मिलकर कोरम पूरा करेंगी यह संभावना भी कम ही लग रही है।
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आज होगी जिप सदस्यों की बैठक : नेगी
उधर, जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी का कहना है कि जिला परिषद अध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर मंगलवार को बैठक होगी, जिसमें दो तिहाई सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य है। यदि 12 सदस्य उपस्थित नहीं हुए तो कोरम पूरा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि बैठक को लेकर सभी सदस्यों को जानकारी दे दी गई है।