माक ड्रिल : घायलों का उपचार करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मी। संवाद
चंबा। दिनः वीरवार। समयः सुबह 9ः00 बजे। साल खड्ड पक्का टाला के नजदीक भगोत, मांई का बाग, भटालवा घार, मरेड़ी-सिल्लाघ्राट सड़क पर कलयूणी घार और मैहला घार में भारी बारिश के बाद भूस्खलन के कारण लोग फंस गए। भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से प्रभावित लोगों को सुरक्षित प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन के आदेशानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। विभिन्न जगहों पर लोगों के फंसे होने की सूचना मिलते ही स्टेजिंग एरिया बारगाह से सीआईएसफ, होमगार्ड और पुलिस की टीम को पांच हिस्सों में बांटा गया। उन्हें घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए भेजा गया।
टीमें क्रमवार मौके पर पहुंचीं। टीमों ने त्वरित कार्य करते हुए विभिन्न जगहों पर फंसे लोगों को उठाकर स्टेचरों से एंबुलेंसों के जरिये पुलिस मैदान बारगाह मेंं बनाए गए स्वयं स्टेजिंग एरिया में अस्थायी तौर पर बनाए गए अस्पताल में पहुंचाकर उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। घटनास्थल पर एनएसएस, एनसीसी, रेडक्रॉस सोसायटी और आपदा मित्रों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में अपना योगदान दिया। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमों को भी घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।
साल खड्ड पक्का टाला के नजदीक भगोत में आठ लोग घटनास्थल पर फंस गए। 15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। भटालवां घार में पांच लोगों घायल हो गए जबकि मांई का बाग में 5 लोग घायल हो गए। 110 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं पांच घर क्षतिग्रस्त और दो लोगों की मौत हो गई। इसी तरह मैहला घार में छह लोग घायल हो गए जबकि एक घर क्षतिग्रस्त हो गया। मरेड़ी सिल्लाघ्राट सड़क पर कलयूणी घार में तीन लोग घायल हो गए।
वीरवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज को लेकर उपायुक्त एवं रिस्पांसिबल अधिकारी अपूर्व देवगन की अगुवाई में जिले में पांच विभिन्न स्थानों पर भारी बाढ़ और भूस्खलन के आधार पर मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल की प्रक्रिया सैन्य और अर्धसैनिक बलों के पर्यवेक्षक की निगरानी में हुई। इस दौरान उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि इस मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य और जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से किया गया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सामूहिक सहयोग बहुत जरूरी है।