करीब तीन साल से मिंजर की शुरूआत राज्यपाल से करवाने का ख्वाब देख रहे चंबा की मुराद इस बार भी पूरी नहीं हो पाई। मौसम के खलल की वजह से राज्यपाल आचार्य देवव्रत चंबा नहीं पहुंच पाए। प्रशासन सुबह से ही उनके आने का इंतजार कर रहा था।
राज्यपाल की अगुवाई के लिए सुल्तानपुर हेलीपैड पर सभी प्रबंध कर लिए गए थे। अग्निशमन विभाग की गाड़ी सुबह से हेलीपैड पर मौजूद थी। लेकिन इस बीच जिला प्रशासन को राज्यपाल के मिंजर मेले में न पहुंच पाने की सूचना मिली और आनन-फानन में जिला में ही मौजूद वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी को मिंजर उद्घाटन कार्यक्रम का मुख्यातिथि बनाया गया। वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने विधिवत रूप से झंडा चढ़ाने की रस्म अदाकर मिंजर मेले की शुरूआत की।
राज्यपाल के आगमन को लेकर उत्साहित स्वयंसेवी संस्थाओं व अन्य लोगों को मायूसी झेलनी पड़ी है। खासतौर पर साझा मोर्चा जिसने राज्यपाल से मिलकर चंबा में स्वास्थ्य की बिगड़ते हालतों का मुद्दा उठाने की बात कही थी। गौरतलब है कि चार सालों से चंबा मिंजर मेले के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल नहीं पहुंच पाए हैं। मिंजर के समापन पर मुख्यमंत्री भी नियमित रूप से चंबा नहीं आ पाते हैं। पिछले साल भी मिंजर विसर्जन के मौके पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह चंबा नहीं आए थे।