चंबा। जिले में नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां अब आसानी से नहीं मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के बाद ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी एप में सुधार करेगी। इसके तहत दवाई भेजने से पहले पते की जांच होगी और दवाइयां तभी भेजी जाएंगी, जब साथ में डॉक्टर की पर्ची अटैच होगी। जिला चंबा के कई युवा जाली पता देकर ऑनलाइन फार्मेसी से नशीली दवाइयां मंगवा रहे थे। इन दवाइयों को युवाओं में बेचा जा रहा था। इसकी वजह से चंबा जिला की युवा पीढ़ी नशीली दवाइयों के जाल में फंसती जा रही थी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के हस्तक्षेप करने के उपरांत कंपनी ने एप में जरूरी सुधार करने को लेकर हामी भर दी है।
इस मामले का खुलासा तब हुआ था जब डलहौजी में एक युवक को नशीली दवाइयों के साथ पकड़ा तो उसने ऑनलाइन दवाई मंगवाने की बात स्वीकारी। इसके बाद विभाग ने दो ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों को पत्र लिखे और नशीली दवाइयों की बिक्री को बिना जांच-पड़ताल बेचने पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की। इसमें एक कंपनी ने चंबा जिला के सभी पिन कोड पर नशीली दवाइयां बेचना बंद कर दिया। अब दूसरी कंपनी ने भी स्वास्थ्य विभाग का पत्र मिलने पर अपने एप में सुधार करने की बात कही है। कंपनी की तरफ से विभाग को आश्वासन दिया गया है कि एप के जरिये उन्हीं लोगों को ऑनलाइन दवाई बेची जाएगी। जिनका पता सही होगा और दवाई को लेकर डॉक्टर की पर्ची भी लगी होगी। फिलहाल कंपनी ने एप में सुधार नहीं होने से जिला में नशीली दवाइयों की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। ऑनलाइन अन्य जो भी कंपनियां नशीली दवाई चंबा में सप्लाई कर रही हैं। उसको लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से नजर रख रहा है।
ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी को चंबा में दवाई बेचने की प्रक्रिया में सुधार करने के लिए कहा गया था। इसको लेकर कंपनी ने एप में सुधार करने की हामी भरी है। अब कोई भी जाली पता बताकर नशीली दवाई ऑनलाइन नहीं मंगवा सकेगा।
डॉ. बिपन ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा