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मेडिकल कॉलेज को दरकिनार कर प्रदेश सरकार सिविल अस्पताल पर हुई महरबान

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चंबा। मेडिकल कॉलेज को दरकिनार करके प्रदेश सरकार सिविल अस्पतालों में लाखों रुपये के आधुनिक उपकरण देने में रुचि दिखा रही है। हाल ही में चंबा जिला के डलहौजी सिविल अस्पताल के लिए एनएचएम के तहत आई ओटी के लिए फंड्स कैमरा मशीन स्वीकृत हुई है जबकि इस उपकरण की सबसे ज्यादा जरूरत चंबा मेडिकल कॉलेज की आई ओटी में थी। क्योंकि चंबा मेडिकल कॉलेज में जिला भर के मरीज अपनी आंखों का इलाज करवाने के लिए आते हैं। सिविल अस्पताल डलहौजी में सिर्फ उपमंडल के मरीज ही अपने इलाज को जाते हैं। मेडिकल कॉलेज की नेत्र जांच ओपीडी में डेढ़ से दो सौ मरीज रोजाना चेकअप करवाते हैं। प्रत्येक माह मेडिकल कॉलेज में तीन दर्जन से अधिक ऑपरेशन होते हैं। डलहौजी में आई ओपीडी बीस से पच्चीस के बीच में रहती होगी। इसलिए उपरोक्त उपकरण की सबसे ज्यादा आवश्यकता चंबा मेडिकल कॉलेज को है। फंड्स कैमरा मशीन से मरीज की आंखों के पर्दे की जांच होती है। डलहौजी में मशीन लगने से मेडिकल कॉलेज से मरीजों को पर्दे की जांच के लिए वहां भेजा जाएगा।
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चंबा मेडिकल कॉलेज में तीन सौ एमबीबीएस प्रशिक्षु भी अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। जिला की छह लाख आबादी अपनी बीमारी के इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है। सरकार की दोहरी प्रणाली की वजह से मेडिकल कॉलेज की अनदेखी हो रही है। मेडिकल कॉलेज में आधुनिक उपकरण लगाने को लेकर प्रबंधन भी कई बार सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेज चुका है लेकिन अभी तक सरकार ने उन प्रस्तावों पर गौर नहीं किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने बताया कि एनएचएम के तहत जो फंड्स कैमरा मशीन स्वीकृत हुई है। वह डलहौजी के लिए हुई है। इसलिए इस मशीन को सिविल अस्पताल डलहौजी में ही स्थापित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम पुरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की आई ओटी में फंड्स कैमरा मशीन स्थापित करने के लिए सरकार से बजट मांगा गया है। सरकार से बजट स्वीकृत होने पर ही उपरोक्त मशीन को मेडिकल कॉलेज में स्थापित किया जा सकता है।
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