मिंजर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में चंबा की मशहूर गायक मंजू चिश्ती ने कई पुराने व पारंपरिक गीत पेश कर खूब तालियां बटोरी। मंजू चिश्ती ने जे मै वेगुनाही मारिया, उड़ मेरिए कुंजड़िए, राजा तेरा शहर सौहणा, ओ राजा राम सिंघा जैसे चंबियाली गाने गाकर मंच में मौजूद दर्शकों को चंबा की संस्कृति से रू-ब-रू करवाया।
मिंजर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में स्टार गायक के तौर पर प्राइम टाइम में हिमाचली फनकार विक्की चौहान ने प्रस्तुति दी। उन्होंने अपनी लेटेस्ट एलबम भाई जी बात है, भाई जी बात है ऐसी और भाई के साथ बबली टामा सूमो में जांदी, चमचमांदे दांदड़ू व झुमके जैसे बहुप्रिय गाने गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। तीसरी सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत अवतार और बुद्धलो के मुसाधा गायन से हुई। जिसमें शिव कैलाशों के वासी व कृष्ण जन्म को मुसाधा गायन के माध्यम से बताया गया। मुसाधा गायन के बाद निहारिका ने फिल्मी गाना जो भेजी थी दुआ ओर और मां गाकर सांस्कृतिक संध्या का समां बांधना शुरू किया।
वंदना कला मंच चंबा के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर खूब तालियां बटोरी। वहीं अपूर्वा, राहुल म्यूजिकल ग्रुप की धमाकेदार प्रस्तुति के बाद कृषि वन मंडल मैहला की ऐंचड़ी आ स्वामिया बै स्वामिया व भोले स्वामी का व्याह ओ लगूरा गाकर दर्शकों को चंबा की संस्कृति के बारे में अवगत करवाया। आशा म्यूजिकल ग्रुप मंडी ने बिलासपुरी गीत ड्राइवरा कजो जांदा सोकनी दे डेरे गाकर सबकी तालियां लूटी। इसके बाद शिव कुमार ने कुंजड़ी मल्हार गाकर विधिवत रूप से मिंजर मेेले की सांस्कृतिक संध्या को प्राइम टाइम तक पहुंचाने का बखूबी काम किया। बुशहर कला मंच रामपुर के संजय ने रामपुर बुुशहर की बोली में भीमाकाली मंदिरे तेरी शांगरी आखटेई आरिदिए गीत गाकर सबकी वाहवाही लूटी। वहीं योगेश मुकुल ने भी तुम जो मिल गए हो, मुस्कुराने की वजह तुम हो जैसे फिल्मी तराने गुनगुनाए। करसोग की प्रभा ठाकुर ने चंबे लगी मिंजरा हाए शिवदासिए, इंद्रा लाड़िए व चंद्रमणिए जैसे लोकप्रिय गीत पेश किए।