यात्रा की तैयारियों का जायजा लेते उपायुक्त चंबा और अन्य।
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विश्व प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा को इस वर्ष अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। यात्रा शुरू होने से पहले उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बुधवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हड़सर से डल झील मणिमहेश तक पूरे यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर छोटी क्षमता वाली पानी की बोतलों और नमकीन सहित अन्य छोटे प्लास्टिक पैकेटों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने दुकानदारों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा। प्रशासन का मानना है कि छोटी प्लास्टिक बोतलें और पैकेजिंग सामग्री यात्रा के दौरान सबसे अधिक कचरा पैदा करती हैं, जिससे मणिमहेश घाटी के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक सुंदरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस निर्णय का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को कम करना और यात्रा मार्ग को स्वच्छ बनाए रखना है।
डीसी ने यात्रा मार्ग पर बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह कदम आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान धन्छौ के समीप दुनाली में पैदल पुल और सड़क की मरम्मत तथा सुंदरासी से ऊपर ग्लेशियर प्वाइंट पर चल रहे मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। लोक निर्माण विभाग को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।