मणिमहेश की आस्था में सराबोर श्रद्धालुओं के लिए गौरीकुंड तक हेली टैक्सी की उड़ान अब वजन के हिसाब से जेब पर भी भारी पड़ रही है। 70 किलोग्राम की निर्धारित सीमा पार करते ही अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान श्रद्धालुओं को खटक रहा है। खासकर बुजुर्ग और अस्वस्थ यात्रियों का कहना है कि राहत के लिए ली जा रही हेली टैक्सी सेवा में वजन की शर्त आर्थिक परेशानी बढ़ा रही है।
पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर और होली से गौरीकुंड के लिए संचालित हेली टैक्सी सेवा में निर्धारित वजन सीमा श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है। 70 किलोग्राम भार की शर्त को लेकर श्रद्धालुओं ने सवाल उठाते हुए प्रशासन से इसमें राहत देने की मांग की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि हेली टैक्सी का इस्तेमाल मुख्य रूप से बुजुर्ग, बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ लोग करते हैं।
ऐसे में वजन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेना उनके लिए आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है। होली से गौरीकुंड के लिए हेली टैक्सी का एकतरफा किराया 6,255 रुपये निर्धारित है। इसके अलावा 70 किलोग्राम से अधिक वजन होने पर अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। एक किलो अतिरिक्त वजन पर 100 रुपये, 80 किलो वजन पर 500 रुपये और 85 किलो वजन होने पर 1,000 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। श्रद्धालु मुकेश कुमार, किरपा राम, जोगेंद्र कुमार, प्रताप चंद और दलीप कुमार ने कहा कि वजन की अतिरिक्त सीमा कम से कम 85 किलो होनी चाहिए। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
श्रद्धालुओं ने हेलीपैड पर वजन की प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में करवाने और अतिरिक्त शुल्क की अनिवार्य रसीद देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। श्रद्धालुओं के अनुसार मणिमहेश यात्रा आस्था से जुड़ी है, इसलिए हेली टैक्सी सेवा में पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी है। पिछले साल चॉपर में प्रति सवारी 85 किलोग्राम भार निर्धारित किया गया था। 85 किलोग्राम से एक किलोग्राम अधिक भार होने पर 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया था। इस बार 75 किलोग्राम से एक किलोग्राम अधिक भार होने पर 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क चुकाने के निर्देश श्रद्धालुओं के गले नहीं उतर रहे हैं।