समुद्र तल से करीब 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र मणिमहेश डल झील जमने लगी है। झील का बड़ा हिस्सा जम चुका है, जबकि किनारे स्थित चतुर्मुखी शिवलिंग पर करीब छह इंच बर्फ जम गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट के बीच कैलाश यात्रा का मार्ग भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
शुक्रवार को डल झील पहुंचे संवाद न्यूज एजेंसी के प्रतिनिधि ने वहां बर्फ से ढके शिवलिंग और जमती झील का नजारा देखा। इस बार यात्रा के दौरान क्षेत्र में पांच से छह बार बर्फबारी हो चुकी है। ग्लेशियर पॉइंट से डल झील तक करीब दो किलोमीटर रास्ता बर्फ से ढका हुआ है। श्रद्धालुओं को इस हिस्से में बर्फ पर पैदल चलकर आगे बढ़ना पड़ रहा है। फिसलन, कड़ाके की ठंड और मौसम में अचानक बदलाव से यात्रा के दौरान मुश्किलें बढ़ सकती हैं।