चंबा में भरमौर चौक पास निर्माणाधीन मिनी सचिवालय।संवाद
चंबा। 35 करोड़ से बनने वाला मिनी सचिवालय लोक निर्माण विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। जिस डिजाइन से इसका निर्माण होना था, अब उस तरह से नहीं होगा। क्योंकि निर्माण के दौरान वहां पर सारा मेटेरियल लूज निकला है। साथ ही मुख्य सड़क के गिरने का भी खतरा पैदा हो गया है। हैरानी इस बात की है कि 35 करोड़ का जब प्रोजेक्ट बनाया गया तो वहां पर सॉइल टेस्टिंग नहीं की गई, यदि की गई तो विभाग को सही जानकारी क्यों नहीं मिली। फिलहाल अब वहां पर कार्य को रोका गया है। लोक निर्माण विभाग ने दोबारा से मिनी सचिवालय के भवन की ड्राइंग तैयार की है। जिसे सरकार को भेजा गया है। अब निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के लिए शिमला से विभाग के एक्सपर्ट इंजीनियरों की टीम आएगी। उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। मिनी सचिवालय भवन का दो सालों में तैयार होना अब मुश्किल है।
जहां दो वर्षों में चंबा के लोगों को एक ही छत के नीचे सभी सरकारी विभागों की सुविधा मिलनी थी। अब इसके लिए लोगों को और इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि विभाग भवन बनाने को लेकर बदलाव करने की योजना बना रहा है। ऐसे में नए सिरे से कार्य शुरू होगा ताकि भवन और मुख्य सड़क को किसी प्रकार का खतरा न रहे। बाजार जाने वाली सड़क इस निर्माण कार्य के शुरू होने के बाद धंसना शुरू हो गई थी। इसी खतरे को ध्यान में रखकर विभाग ने दोबारा से इसकी ड्राइंग तैयार की। जिला प्रशासन ने भी निरीक्षण करके विभाग को सुरक्षित तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि मिनी सचिवालय भवन की ड्राइंग दोबारा से बनाई गई है। शिमला से निरीक्षण के लिए एक्सपर्ट टीम का आना बाकी है। जल्द ही वहां पर सुरक्षित तरीके से नए भवन का निर्माण करवाया जाएगा।