चंबा। जिला चंबा में अब सभी प्रकार के पशुओं की गणना होगी। पशुपालन विभाग चंबा की ओर से पशुगणना के लिए करीब 150 टीमों का गठन किया गया है। पशु औषधालय स्तर पर टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें पशुपालकों के डोर-टू-डोर जाएंगी और पशुगणना करेगी। इसमें घुमंतू पशुओं का भी शामिल किया जाएगा और एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार यह गणना होगी। जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पशु गणना की जा रही है। यह अभियान इसी माह 1 नवंबर से शुरू हो गया है। जबकि यह पशुगणना 15 फरवरी तक पूरी करनी होगी। सरकार की ओर से पशुगणना करवाने का मकसद सभी पशुओं की संख्या का स्टीक पता लगाना है। ताकि केंद्र सरकार को सही आंकड़े प्रस्तुत किए जा सकें।
जानकारी के अनुसार इससे पहले वर्ष 2019 में पशु गणना हुई थी। सरकार की ओर से हर पांच साल बाद पशुगणना जिला से लेकर राज्य स्तर तक करवाई जाती है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवधि में पशुओं की संख्या कम हुई या बढ़ गई। वर्ष 2019 के आंकड़ों के मुताबिक जिला चंबा में करीब साढ़े सात लाख सभी प्रकार के पशुओं की संख्या है। बहरहाल, पशुगणना 2024 होने के बाद पता चल पाएगा कि जिले में पशुओं की संख्या कम हुई है या फिर बढ़ी है।
जिलेभर में पशुगणना करवाई जा रही है। इस बारे में केंद्र सरकार की ओर से निर्देश मिले हैं। 15 फरवरी तक यह अभियान चलेगा। इसके लिए 150 टीमें कार्य कर रही है, जो डोर-टू-डोर जाकर पशुगणना करेगी। जिले में 2019 के मुताबिक पशुओं की संख्या करीब साढ़े सात लाख है।
डॉ. मुंशी कपूर, उपनिदेशक, पशु पालन विभाग चंबा