चंबा। शहर में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 57 लोगों का गृह निर्माण अधर में लटक गया है। इसका कारण नगर परिषद की ओर से बजट की मांग न भेजना है। एक तरह नगर परिषद बजट का रोना रो रही है तो दूसरी तरफ अब बजट के लिए इस वर्ष मार्च के बाद से डिमांड ही नहीं भेजी है। ऐसे में 57 लोगों का घर बनाने का सपना अधूरा है। उनको आवेदनों की मंजूरी का इंतजार है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 से लेकर अब प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 307 घर बने हैं जबकि, 364 घर बनाने का लक्ष्य था। लेकिन, बजट न होने के चलते 57 घरों का काम लटका
वहीं, 20 और लोगों ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए आवेदन किया है लेकिन, उनके आवेदनों को मंजूरी का इंतजार है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 से लेकर अब प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 307 घर बने हैं जबकि, 364 घर बनाने का लक्ष्य था। लेकिन, बजट न होने के चलते 57 घरों का काम लटका पड़ा है। गरीबों को आवास बनाकर देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना शुरू की है। इस योजना के तहत मकान बनाने के लिए 1.75 लाख रुपये की राशि दी जाती है। जो कि, तीन किस्तों में जारी की जाती है।
इन लोगों को मिलता है इस योजना का लाभ
जिनकी आय तीन लाख रुपये सालाना से कम है, वे प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए आवेदन सकते हैं। इसमें जमीन उनके नाम होनी चाहिए।
नप के दायरे में आने वाले वार्ड:
चौगान, सपड़ी, सुराड़ा, कसाकड़ा, चौंतड़ा, सुल्तानपुर, हरदासपुर, जनसाली, धड़ोग, हटनाला और जुलाहकड़ी वार्ड शामिल हैं।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर का कहना है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए मार्च के बाद बजट की डिमांड नहीं भेजी है। जल्द ही बजट की डिमांड भेजी जाएगी।